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मेरठ के एक्सिस बैंक की करेंसी चेस्ट में मिले 4.63 लाख के जाली नोट, बैंक कर्मियों पर उठे सवाल

सहारनपुर के बाद अब मेरठ के एक्सिस बैंक की करेंसी चेस्ट में लाखों रुपये के जाली नोट मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

Meerut Fake Currency

एक्सिस बैंक की करेंसी चेस्ट में जाली नोट

Meerut Fake Currency: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था और कामकाज के तरीके पर बहुत बड़े और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सहारनपुर के बाद अब मेरठ के एक बैंक में करोड़ों के नहीं, बल्कि लाखों रुपये के जाली नोट मिलने से हड़कंप मच गया है. मामला मंगलपांडे नगर स्थित एक्सिस बैंक की मुख्य करेंसी चेस्ट का है, जहां जांच के दौरान करीब 4.63 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं.

कैसे हुआ इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा?

आपको बता दें कि इस करेंसी चेस्ट से पश्चिम उत्तर प्रदेश की करीब 186 शाखाएं जुड़ी हुई हैं. इन सभी ब्रांचों में जमा होने वाली नकदी को क्रॉस-चेक और मिलान के लिए इसी मुख्य करेंसी चेस्ट में भेजा जाता है. हरियाणा के हिसार के रहने वाले एक्सिस बैंक के करेंसी चेस्ट मैनेजर सरताज सिंह ने इस मामले की शिकायत सीधे एसएसपी से की है.

बैंक अधिकारियों ने जब लगभग तेरह महीने (यानी 1 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 तक) की अवधि के दौरान जमा हुई नकदी की बारीकी से जांच की, तब जाकर इस बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुलीं. जांच में सामने आया कि इन अलग-अलग महीनों में कुल 4,63,650 रुपये के जाली नोट सिस्टम में जमा हो चुके थे.

किस-किस नोट के हैं जाली बंडल?

बैंक की आंतरिक जांच के मुताबिक, बरामद हुए कुल 1,323 जाली नोटों में अलग-अलग मूल्य के नोट शामिल हैं. इनमें:

500 रुपये के: 805 नोट

200 रुपये के: 142 नोट

100 रुपये के: 279 नोट

50 रुपये के: 97 नोट

खास बात यह है कि इनमें कुछ नोट काफी पुराने हैं और कुछ नोटों को तो दो टुकड़ों में फाड़कर दोबारा टेप से चिपकाया गया था ताकि आसानी से पकड़ में न आ सकें.

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बैंकिंग व्यवस्था पर खड़े होते गंभीर सवाल

यह पूरी घटना बैंकिंग प्रणाली की कार्यप्रणाली पर बहुत बड़ा सवालिया निशान लगाती है. जब बैंकों और उनकी करेंसी चेस्ट जैसी सुरक्षित जगहों पर ही भारी मात्रा में जाली नोट आसानी से पहुंच रहे हैं और शुरुआती स्तर पर पकड़ में नहीं आ रहे हैं, तो आम आदमी असली और नकली नोटों में फर्क कैसे कर पाएगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाली करेंसी के सौदागरों का कोई ऐसा संगठित गिरोह सक्रिय हो गया है जो सीधे बैंकों को निशाना बना रहा है? क्या इन नकली नोटों को बैंक तक पहुंचाने में किसी बैंक कर्मचारी की मिलीभगत है या फिर यह सिर्फ भारी लापरवाही का नतीजा है? फिलहाल, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर ये जाली नोट किस-किस शाखा से होते हुए इस करेंसी चेस्ट तक पहुंचे थे.

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-भारत एक्सप्रेस



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