नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में लिया गया बड़ा फैसला (इमेज- IANS)
Noida Board Meeting: नोएडा में लंबे समय से भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के लिए आखिरकार बड़ी खुशखबरी आ गई है. नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में किसानों के हक में एक ऐसा फैसला लिया गया, जिसका इंतजार क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसान लंबे अरसे से कर रहे थे.
प्राधिकरण की बैठक में शहर के विकास, किसानों के मुआवजे, रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए. बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और प्राधिकरण अध्यक्ष दीपक कुमार ने की.
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रगति की समीक्षा की गई. अधिकारियों को विकास कार्यों और तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए.

बिल्डरों को भुगतान के लिए जारी किया गया नोटिस
शहर की दीर्घकालिक जरूरतों को देखते हुए वन-टाइम लीज रेंट कॉरपस फंड (OTLR-CF) को मंजूरी दी गई. इस फंड का इस्तेमाल जलापूर्ति, सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाओं के रखरखाव के लिए किया जाएगा.
रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. 25 प्रतिशत बकाया राशि जमा करने वाले 23 बिल्डरों को शेष 75 प्रतिशत भुगतान के लिए नोटिस जारी किए गए हैं. अब तक 36 परियोजनाओं से 540.75 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है. बोर्ड ने फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्रियां तेजी से कराने के निर्देश दिए.
सेक्टर-145 में लगेगा वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट
औद्योगिक इकाइयों से जुड़े नियमों को सरल और एक समान बनाने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति बनाने का फैसला लिया गया.
पुलिस आयुक्त कार्यालय के लिए सेक्टर-153 में करीब 13,347 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई है. वहीं सेक्टर-145 में 100 टन प्रतिदिन क्षमता वाला वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने को भी मंजूरी मिली है. इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा.
सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए उसकी दरों के पुनर्निर्धारण का फैसला लिया गया है. प्राधिकरण का मानना है कि इससे निर्माण कार्यों की गति बढ़ेगी और गुणवत्ता भी बनी रहेगी.
फ्लैट मालिकों को मिलेगी राहत
सेक्टर-8 की करीब 8 एकड़ नर्सरी को आधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा. यहां लोगों को विभिन्न प्रकार के पौधे और बागवानी से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी.
बैठक में सहकारी आवासीय समितियों के फ्लैट मालिकों को राहत देने वाला फैसला भी लिया गया. अब वैध कब्जाधारकों को जरूरी दस्तावेज और रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होगी.
सबसे बड़ा फैसला किसानों के मुआवजे को लेकर रहा. अब आपसी सहमति से खरीदी जाने वाली जमीन के लिए किसानों को 6,459 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा और 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड का लाभ मिलेगा.
मुआवजे की दर में 53% की बढ़ोतरी
पहले 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ 4,224 रुपये प्रति वर्गमीटर और बिना भूखंड के 5,324 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा दिया जाता था. नई व्यवस्था में मुआवजे की दर में करीब 53 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है.
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न्यू नोएडा (DNGIR) परियोजना के लिए भी नई व्यवस्था तय की गई है. फेस-1 और फेस-2 में भूमि खरीद के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुरूप लाभ दिए जाएंगे, जबकि फेस-3 और फेस-4 में यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की नीति लागू होगी.
-भारत एक्सप्रेस
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