उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर हुआ बड़ा घोटाला एक बार फिर चर्चा में है. इस योजना के तहत लोगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स सुविधाओं का सपना दिखाया गया था. लेकिन हकीकत में यह हजारों करोड़ रुपये की लूट की कहानी बनकर उभरा है.
योगी सरकार ने कसा शिकंजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ Zero tolerance नीति अब असर दिखा रही है. स्पोर्ट्स सिटी में हुई गड़बड़ियों की परतें खुलने लगी हैं. इस घोटाले की जांच के बाद नौकरशाही और रियल एस्टेट जगत में हलचल मच गई है.
कैसे हुआ घोटाला?
घोटाले की शुरुआत उस समय हुई जब किसानों की जमीन बेहद कम कीमत पर खरीदी गई. इसके बाद नोएडा अथॉरिटी ने कुछ खास बिल्डरों को जमीन आवंटित की. इन बिल्डरों ने फिर इस जमीन को अपनी ही शेल कंपनियों के नाम पर ट्रांसफर कर लिया. बाद में, इन कंपनियों के खातों में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई. यह पूरा खेल कागजों पर तो कानूनी दिखता है, लेकिन असलियत में यह एक सुनियोजित साजिश थी. इस घोटाले के पीछे एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का नाम सामने आ रहा है. बताया जा रहा है कि वही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है.
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इलाहाबाद हाईकोर्ट का दखल
जब मामला कोर्ट तक पहुंचा तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाया. कोर्ट के आदेश के बाद जांच तेज हुई और अब कई जिम्मेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी है. नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी एक उज्ज्वल भविष्य का सपना था. लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने इसे घोटाले की जमीन बना दिया. योगी सरकार ने अब इस लूट का हिसाब मांगना शुरू कर दिया है. आने वाले समय में कई बड़े नामों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
भारत एक्सप्रेस की SIT की खास रिपोर्ट
भारत एक्सप्रेस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जब इस घोटाले से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन की तो कई चौंकाने वाले राज सामने आए. आज हम इस घोटाले पर तैयार भारत एक्स्प्रेस के SIT हैड सुबोध जैन की स्पेशल investigation रिपोर्ट में आपको ऐसी जानकारी से रूबरू कराएंगे जिस से आप भी हैरत में पड़ जाएंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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