लखनऊ में पासी महासम्मेलन में डॉ. दिनेश शर्मा और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
उत्तर प्रदेश में लखनऊ के कन्वेंशन सेंटर में केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर द्वारा आयोजित विशाल पासी समाज महासम्मेलन ने राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान की. इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में पासी समाज के लोग शामिल हुए, जहां राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा (Dr Dinesh Sharma) ने मुख्य वक्ता के रूप में अपनी बात रखी.
इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘धर्म रक्षक, राष्ट्र रक्षक कौम’ था, जो पासी समाज की ऐतिहासिक भूमिका को उजागर करता है. तस्वीरों में दिखाई दे रहा है कि मंच पर नेता हाथ उठाकर जयकारे लगा रहे हैं, जबकि बैकग्राउंड में बैनर पर ‘धर्म रक्षक, राष्ट्र रक्षक कौम का महासम्मेलन’ लिखा हुआ है. नीचे की तस्वीरों में डॉ. दिनेश शर्मा और अन्य नेता चर्चा करते और हाथ उठाकर अभिवादन करते नजर आ रहे हैं, जो कार्यक्रम की जीवंतता को दर्शाता है. इस आयोजन ने पासी समाज की एकता और उनके ऐतिहासिक योगदान को केंद्र में रखा, जहां वक्ताओं ने आक्रांताओं के खिलाफ उनके संघर्ष की कहानियां सुनाईं.
पासी राजाओं की बहादुरी – राष्ट्रभक्ति और हिंदू संरक्षण
डॉ. दिनेश शर्मा (Dr Dinesh Sharma) ने अपने भाषण में पासी समाज के राजाओं को राष्ट्रभक्त और हिंदू समाज के संरक्षक के रूप में वर्णित किया. उन्होंने कहा कि पासी समाज के सभी राजा अजेय योद्धा थे, जिन्हें कोई आसानी से पराजित नहीं कर पाया. इन राजाओं ने आक्रांताओं के दांत खट्टे किए और बड़ी-बड़ी लड़ाइयां जीतीं. विशेष रूप से लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में पासी राजाओं का शासन था, जहां उन्होंने विदेशी आक्रांताओं का डटकर मुकाबला किया. शर्मा ने बताया कि भारत में आने वाले आक्रांताओं ने देश को लूटा, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया, लेकिन पासी राजाओं ने इनसे मुकाबला किया. आक्रांताओं ने इन्हें लुटेरा घोषित किया, लेकिन वास्तव में वे हिंदुओं के संरक्षक थे, जबकि आक्रांता स्वयं लुटेरे थे. पासी राजाओं की एकमात्र प्रतिबद्धता हिंदू धर्म की रक्षा थी, और वे इसके लिए लड़ते और मरते थे. देश में आने वाले आक्रांता पासी राजाओं से भयभीत रहते थे. लखनऊ को पासी समाज की धरोहर बताते हुए शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महामानव की तरह इस समाज की अस्मिता की रक्षा कर रहे हैं. तस्वीरों में दिख रहे उत्साह से पता चलता है कि यह सम्मेलन समाज की ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जीवित करने का माध्यम बना.

सपा-कांग्रेस का भ्रष्टाचार और हिंदुत्व विरोधी रवैया
डॉ. दिनेश शर्मा ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों को हिंदुत्व के रक्षकों और भ्रष्टाचार के विरोधियों से एलर्जी है. भ्रष्टाचार का विरोध करने वाला कोई व्यक्ति इन पार्टियों में नहीं टिक सकता, और हिंदू धर्म की बात करने वाले को भी वे पसंद नहीं करते. पूजा पाल को पार्टी से निकालने के बाद पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नाम पर राजनीति की दुकान चलाने वालों की कलई खुल गई है. भाजपा धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती; राष्ट्र के लिए समर्पित कोई भी व्यक्ति, चाहे किसी भी धर्म का हो, उसका सम्मान करती है. समाज को बांटने वाली नीति ठीक नहीं है. शर्मा ने कहा कि 2014 तक कांग्रेस सरकार में भारत की तुलना पाकिस्तान से होती थी, लेकिन अब मोदी युग में अमेरिका जैसे शक्तिशाली राष्ट्र से की जाती है. मोदी का भारत किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन अगर कोई छेड़े तो छोड़ता भी नहीं. ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयां भारत की सफलता की कहानी बयां करती हैं. कांग्रेस सरकार पाकिस्तान की गोली का जवाब सफेद कबूतर उड़ाकर देती थी, लेकिन मोदी सरकार घर में घुसकर मारती है. सम्मेलन की तस्वीरों में दिख रही भीड़ और नेताओं के जोशीले अंदाज से साफ है कि यह राजनीतिक संदेश मजबूत था.
बिजली पासी और ऊदा देवी का का ऐतिहासिक योगदान
अपने महापौर कार्यकाल को याद करते हुए डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि उन्होंने लखनऊ में पासी समाज की विभूतियों के सम्मान में सम्मेलनों की परंपरा शुरू की. बिजली पासी जी के नाम पर स्थापित विद्यालय का विस्तार किया और बेहतर शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की. आलमबाग में ऊदा देवी द्वार की स्थापना कराई. महाराजा लाखन पासी को लखनऊ के हृदय की धड़कन बताते हुए कहा कि उन्होंने भी आक्रांताओं से लोहा लिया. गोमती तट पर महाराजा लखना पासी उपवन बनवाया, और भविष्य में इसकी मदद जारी रहेगी. आज का सीतापुर पहले छतिया पासी के नाम पर छीतापुर था, जिसका नाम अंग्रेजों ने बदल दिया. महापौर काल में महाराजा बिजली पासी, महाराजा लखना पासी और वीरांगना ऊदा देवी के कई कार्यक्रम भाजपा ने आयोजित किए. सम्मेलन में दिख रही तस्वीरों में एक फ्रेम में नेता एक पोस्टर पकड़े हुए हैं, जिसमें पासी समाज के ऐतिहासिक चित्र दिख रहे हैं, जो इन योगदानों को चित्रित करता है.
कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष: कौशल किशोर और सुहेलदेव
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि आज राजनीति में लोगों को बांटकर राज करने वाले फिर से पनपना चाहते हैं. कुरीतियों ने देश के विघटन की नींव रखी, और केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर कुरीतियों को दूर करने, जोड़ने का काम कर रहे हैं तथा नशाखोरी के खिलाफ अलख जगा रहे हैं. महाराजा सुहेलदेव ने भी आक्रांताओं का डटकर मुकाबला किया. भाजपा ने ही सुहेलदेव को सम्मान दिया, और आजमगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उनके नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया. तब शर्मा उच्च शिक्षा मंत्री थे. गांधी भवन कैसरबाग में पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी जोशीला उद्बोधन दिया, जिसने हजारों कार्यकर्ताओं में जोश भरा. प्रदेश भर से आए पासी समाज के कर्मठ कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए.
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति: समाज की एकजुटता का प्रतीक
इस अवसर पर विधायक जय देवी कौशल, बृजेश रावत, अमरेश कुमार, विकास किशोर, लक्ष्मी प्रसाद रावत, नगर पालिका अध्यक्ष रंजीत रावत, ब्लॉक प्रमुख राम कुमार राही, मीनुवती, जिला पंचायत सदस्य तारा चंद्र रावत, पूर्व पार्षद डॉ. काशीराम, तेजी रामबाबू, रघुनंदन प्रसाद रावत आदि उपस्थित रहे. तस्वीरों का कोलाज कार्यक्रम की भव्यता को दर्शाता है, जहां फूलों की सजावट, उठे हुए हाथ और नेताओं की मुस्कान समाज की एकजुटता का प्रतीक है. यह सम्मेलन न केवल पासी समाज की ऐतिहासिक भूमिका को याद दिलाता है, बल्कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा की रणनीति को मजबूत करने का माध्यम भी बना. कुल मिलाकर, यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, हिंदुत्व और सामाजिक एकता के संदेश को फैलाने में सफल रहा, जो आने वाले समय में राजनीतिक प्रभाव डालेगा.
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