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कांग्रेस की बढ़ी हिम्मत: खाते में 2 सीट पर अखिलेश से चाहिए आधा उत्तर प्रदेश, जानें क्या है सियासी गणित?

Congress For UP Assembly Election: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस के नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 50% सीटों की मांग कर अखिलेश यादव की टेंशन बढ़ा दी है, जानिए क्या कहते हैं पिछले चुनावों के आंकड़े?

Congress Plan For UP Politics

Congress For UP Assembly Election: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों का बिगुल बजने में अभी वक्त है, लेकिन इंडिया गठबंधन के भीतर अभी से तलवारें खिंच गई हैं! कांग्रेस ने यूपी में अपना नया ‘सेनापति’ यानी राज्य प्रभारी बदला और दिल्ली के दलित नेता राजेंद्र पाल गौतम को कमान सौंप दी. लेकिन यूपी की धरती पर कदम रखते ही उन्होंने बीजेपी पर हमला करने के बजाय अपने ही साथी अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (SP) पर सबसे बड़ा सियासी बम फोड़ दिया है.

अखिलेश के ‘घर’ में कांग्रेस की हुंकार (Congress Plan For UP Politics)

बीते रविवार को नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने साफ कह दिया कि कांग्रेस एक बड़ी राष्ट्रीय पार्टी है, इसलिए 2027 के यूपी चुनाव में उसे सपा से आधी सीटें (यानी 403 में से करीब 200) और बराबर का सम्मान मिलना चाहिए. इस ‘बम’ के फूटते ही सपा में हड़कंप मच गया है. हालांकि सपा ने संभलते हुए कहा है कि सीटों का फैसला अखिलेश यादव और राहुल गांधी करेंगे, ऐसी बयानबाजी ठीक नहीं है.

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सपा के वोट बैंक पर कांग्रेस की टेढ़ी नजर

कांग्रेस की यह रणनीति अचानक नहीं बनी है. इससे पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भी मुसलमानों की आवाज उठाने के मुद्दे पर सपा को घेर चुके हैं. लोकसभा चुनाव में सपा के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले ने बीजेपी को धूल चटाई थी. अब कांग्रेस राजेंद्र पाल गौतम (दलित चेहरा) और इमरान मसूद (मुस्लिम चेहरा) के जरिए सपा के इसी कोर वोट बैंक में सेंध लगाकर अपनी सौदेबाजी की ताकत बढ़ाना चाह रही है.

क्या हवा-हवाई है कांग्रेस का दावा?

  • कांग्रेस आधी सीटें तो मांग रही है, लेकिन अगर पुराने रिकॉर्ड देखें तो हकीकत कुछ और ही बयां करती है.
  • 2024 लोकसभा: सपा ने कांग्रेस को 17 सीटें दीं, कांग्रेस सिर्फ 6 जीत पाई (स्ट्राइक रेट 35%).
  • 2022 विधानसभा: कांग्रेस अकेले 399 सीटों पर लड़ी. सूपड़ा साफ हो गया, सिर्फ 2 सीटें मिलीं और वोट शेयर महज़ 2.33% रहा.
  • 2017 विधानसभा: सपा के साथ गठबंधन में कांग्रेस को 114 सीटें मिली थीं, लेकिन वह जीत पाई सिर्फ 7 सीटें (वोट शेयर 6.25%).

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क्या टूट जाएगी राहुल-अखिलेश की दोस्ती? (Congress SP UP Election Alliance)

सपा के अंदरखाने यह बात साफ है कि सीटों का बंटवारा 2022 और 2017 के प्रदर्शन के आधार पर ही होना चाहिए. अखिलेश यादव पहले ही इशारा कर चुके हैं कि उनकी पार्टी सभी 403 सीटों पर तैयारी कर रही है. वहीं, कांग्रेस को लगता है कि 2024 के बाद राहुल गांधी की छवि चमकी है और बीएसपी के कमजोर होने से दलित वोट उसकी झोली में आ सकते हैं. फिलहाल, इन खूंखार दावों और आंकड़ों को देखकर साफ है कि 2027 के लिए सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग की राह किसी ‘महाभारत’ से कम नहीं होने वाली.



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