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Khadi Budget By UP Govt: उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 19745.15 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया है. यह राशि पिछले वर्ष के 17919.82 लाख रुपये से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है. विभाग का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना, खादी उत्पादों को बढ़ावा देना और परंपरागत कारीगरों का विकास करना है.
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत इस साल 800 नई इकाइयां शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. इन इकाइयों के लिए 4000 लाख रुपये का बैंक ऋण दिया जाएगा. इससे 16000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. योजना के लिए 280.50 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है.


ब्याज सब्सिडी और विपणन पर खास ध्यान
पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज सब्सिडी दी जाएगी. इसके लिए 1000 लाख रुपये रखे गए हैं. इसी तरह पंडित दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना के लिए 3500 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे खादी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी.
18 मंडलों में लगाई जाएंगी ग्रामोद्योग प्रदर्शनियां
खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश के 18 मंडलों में ग्रामोद्योगी प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी. साथ ही विभिन्न पौराणिक मेलों और महोत्सवों में स्टॉल लगाए जाएंगे. प्रचार-प्रसार और बिक्री के इस प्रयास के लिए 225 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.
कंबल उत्पादन केंद्र का आधुनिकीकरण
गोरखपुर जिले के खजनी में स्थित कंबल उत्पादन केंद्र को आधुनिक बनाने की नई योजना शुरू की गई है. इसके लिए 750 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होगा.
शामली में नए भवन और प्रशिक्षण केंद्र
शामली जिले में उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के जिला कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 119.90 लाख रुपये की नई योजना है. वहीं बिजनौर के नजीबाबाद में मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र के लिए नया छात्रावास बनेगा. इसके लिए 175 लाख रुपये रखे गए हैं. कुशीनगर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर में खादी उत्पादन प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए 75 लाख रुपये का बजट है.
उत्तर प्रदेश: माटी कला बोर्ड को मजबूती
उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड के तहत परंपरागत माटी कला कारीगरों के विकास के लिए माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इसके लिए 1300 लाख रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है. इससे कारीगरों को बेहतर प्रशिक्षण, बाजार और आर्थिक सहायता मिलेगी.
अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रयास
विभाग के ये सभी कदम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाने और परंपरागत उद्योगों को नई ताकत देने के लिए हैं. बजट में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ेंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे. CM योगी सरकार ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है. यह बजट इसी दिशा में एक मजबूत कदम है.
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