Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सूबे में गोवंशों के खिलाफ क्राइम पर लगाम लगाने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है. पिछले डेढ़ साल में यूपी पुलिस ने गोकशी और गोतस्करी के मामले में हजारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अबतक गोकशी और गोतस्करी करने वालों की योगी सरकार ने 19 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की है. यूपी पुलिस ने सूबे में गोकशी और गो-तस्करी पर अपनी अबतक की कार्रवाई का डाटा सार्वजनिक किया है.
यूपी पुलिस ने ये 1 जनवरी 2024 से 31 अगस्त 2025 तक का डाटा सार्वजनिक किया है. इस अवधि के दौरान पुलिस ने प्रदेशभर में गौ-तस्करी और गोकशी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है. पुलिस के मुताबिक इस डेढ़ साल के दौरान पुलिस ने गोकशी से जुड़े कुल 699 मामले दर्ज किये हैं. इस दौरान 2279 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जबकि 539 आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया है.
यूपी पुलिस सख्त कार्रवाई गोकशी
पुलिस ने गोकशी के गंभीर मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है. आंकड़ों के अनुसार गोकशी से जुड़े 539 आरोपियों पर पुलिस ने गुंडा एक्ट लगाया है. जबकि 6 अभियुक्तों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई है. इस दौरान पुलिस ने गोकशी में संलिप्त लोगों की 9 करोड़ 19 लाख 87 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है. गोकशी के खिलाफ यूपी पुलिस की ये अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.
476 अभियुक्तों के खिलाफ गुंडा एक्ट में कार्रवाई
गौतस्करी के खिलाफ भी यूपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. गौ-तस्करी के मामले में यूपी पुलिस ने 476 अभियुक्तों के खिलाफ गुंडा एक्ट, 9 आरोपियों के खिलाफ NSA, 1328 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किये गए हैं. वहीं 288 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई है. जिससे उनके आपराधिक रिकॉर्ड को ट्रैक किया जा सके.
गौतस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस ने अबतक 9 करोड़ 97 लाख 43 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है. पुलिस विभाग ने साफ संकेत दे दिया है कि किसी भी कीमत पर गौ-संवेदनशील अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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