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क्या सच में सोनम वांगचुक ही हैं ‘3 Idiots’ के असली ‘रैंचो’? जानिए दोनों के बीच का ये अनोखा कनेक्शन

क्या फिल्म ‘3 Idiots’ का रैंचो असल में सोनम वांगचुक पर आधारित था? जानिए इस फिल्मी किरदार और लद्दाख के मशहूर शिक्षा सुधारक के बीच का कनेक्शन.

Sonam Wangchuk NSA Withdrawn

बॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘3 Idiots’ जब साल 2009 में रिलीज हुई थी, तो उसने देश की शिक्षा व्यवस्था पर एक बहस छेड़ दी थी. फिल्म में दिखाया गया था कि कैसे पढ़ाई का दबाव, रटने की आदत और नंबरों की दौड़ छात्रों की सोच और रचनात्मकता को प्रभावित करती है. फिल्म का सबसे यादगार किरदार था रैंचो यानी फुंसुक वांगडू, जिसे आमिर खान ने निभाया था. इसके बाद से ही कई लोगों ने इस किरदार को लद्दाख के मशहूर शिक्षा सुधारक और इनोवेटर सोनम वांगचुक से जोड़ना शुरू कर दिया.

हालांकि, ‘3 Idiots’ सोनम वांगचुक की पूरी जिंदगी पर बनी बायोपिक नहीं थी. फिल्म की कहानी उनके जीवन का सीधा चित्रण नहीं करती, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, नए विचारों और पुराने तरीकों को चुनौती देने वाली सोच से प्रेरणा लेती है.

रैंचो और सोनम वांगचुक के बीच क्या है संबंध?

फिल्म में रैंचो का किरदार एक ऐसे छात्र के रूप में दिखाया गया है जो किताबों को सिर्फ याद करने के बजाय चीजों को समझने और नए प्रयोग करने में विश्वास रखता है. उसकी यही सोच सोनम वांगचुक के कामों से काफी मिलती-जुलती नजर आती है.

सोनम वांगचुक ने लद्दाख में SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) की स्थापना की थी, जहां बच्चों को उनकी स्थानीय संस्कृति और जरूरतों के हिसाब से शिक्षा देने पर जोर दिया जाता है. उनका मानना रहा है कि शिक्षा सिर्फ परीक्षा पास करने का जरिया नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर समझने का माध्यम होनी चाहिए.

फिल्म में आमिर खान के किरदार का नाम फुंसुक वांगडू रखा गया था, जो सोनम वांगचुक के नाम से मिलता-जुलता है. इसी वजह से लोगों ने रैंचो को उनका फिल्मी रूप मान लिया. कई बार उन्हें ‘रियल लाइफ फुंसुक वांगडू’ भी कहा गया. यहां तक कि फिल्म की तैयारी के दौरान आमिर खान की टीम ने SECMOL का दौरा भी किया था.

बाद में फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी ने साफ किया कि रैंचो का किरदार सिर्फ सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था. यह किरदार उनके अपने छात्र जीवन के अनुभवों और कई अलग-अलग लोगों से मिली प्रेरणाओं का मिश्रण था. फुंसुक वांगडू नाम भी उनके एक लद्दाखी दोस्त से लिया गया था.

खुद सोनम वांगचुक भी फिल्म को पसंद करते हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह किरदार पूरी तरह उनकी जिंदगी को नहीं दिखाता. उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा था कि वह रैंचो से ज्यादा खूबसूरत हैं.

कौन हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक का जन्म 1966 में लद्दाख में हुआ था. उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी श्रीनगर (National Institute of Technology Srinagar) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. साल 1988 में उन्होंने SECMOL की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य लद्दाख के छात्रों को ऐसी शिक्षा देना था जो उनकी जमीन, संस्कृति और वास्तविक जीवन से जुड़ी हो. इसका कैंपस सौर ऊर्जा से भी संचालित होता है.

उनके कई कामों ने उन्हें देश और दुनिया में पहचान दिलाई. इनमें सबसे चर्चित है आइस स्तूप (Ice Stupa) परियोजना, जिसके जरिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाकर लद्दाख जैसे सूखे इलाकों में पानी की समस्या को कम करने की कोशिश की गई.

इसके अलावा वे पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ वास्तुकला और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी लगातार काम करते रहे हैं. उनके योगदान के लिए उन्हें 2018 में रमन मैग्सेसे पुरस्कार (Ramon Magsaysay Award) समेत कई सम्मान मिल चुके हैं.

शिक्षा से लेकर लद्दाख के अधिकारों तक सक्रिय

सोनम वांगचुक सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे हैं. वे लद्दाख के लोगों के अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाते रहे हैं. राज्य के अधिकारों और संविधान की छठी अनुसूची जैसे मुद्दों को लेकर उन्होंने आंदोलन और अनशन भी किए हैं.

इसलिए यह कहना ज्यादा सही होगा कि ‘3 Idiots’ का रैंचो सोनम वांगचुक से प्रेरित जरूर था, लेकिन वह उनकी जिंदगी की पूरी कहानी नहीं थी. फिल्म ने उनकी सोच और शिक्षा को देखने के नजरिए को देशभर तक पहुंचाने में जरूर बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन असली सोनम वांगचुक अपने कामों और उपलब्धियों के कारण अलग पहचान रखते हैं.

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