जनकी अम्मा: दक्षिण भारत की नाइटिंगेल की अमर विरासत
दक्षिण भारतीय संगीत की अमर आवाज़ एस. जानकी अब हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनके गीत हमेशा श्रोताओं के दिलों में गूंजते रहेंगे.
सिर्फ मां-बेटी का रिश्ता नहीं, एक औरत की आत्म-पहचान की जंग है अरुंधति रॉय की ये नई किताब
अरुंधति रॉय की ‘मेरी माँ मेरी गैंगस्टर’ एक ऐसी आत्मीय यात्रा है, जिसमें लेखिका अपने जीवन के सबसे जटिल और गहरे रिश्तों में से एक अपनी मां मैरी रॉय के साथ संबंध को नए नजरिए से देखती हैं.
1857 से 51 साल पहले भड़की थी आजादी की पहली चिंगारी, जानें वेल्लोर विद्रोह की पूरी कहानी
10 जुलाई 1806 को वेल्लोर किले में भारतीय सिपाहियों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ पहला बड़ा सैन्य विद्रोह छेड़ा था. धार्मिक हस्तक्षेप और अपमानजनक ड्रेस कोड के विरोध में हुआ यह विद्रोह 1857 की क्रांति का अग्रदूत माना जाता है.
जब काशी विश्वनाथ मंदिर से चोरी हुआ था ‘स्वर्ण अर्घा’… जानें कैसे एक घटना ने बदल दिया था पूरा कानून
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी हालिया घटनाओं के बीच मंदिर प्रबंधन और सरकारी निगरानी को लेकर बहस तेज हो गई है.
जब सेशेल्स के राष्ट्रपति को नहीं था अपनी ही सेना पर भरोसा, फिर भारत ने ऐसे बचाई थी सरकार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेशेल्स यात्रा ने भारत और इस हिंद महासागर देश के पुराने रिश्तों को फिर चर्चा में ला दिया है. करीब चार दशक पहले भी भारत ने सेशेल्स की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में अहम भूमिका निभाई थी.
देश का वो ‘पहला प्रधानमंत्री’ जिसे इतिहास की किताबों ने भुला दिया! जानिए कौन थे मौलाना बरकतुल्लाह
मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली भारत के उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.
नेहरू और शास्त्री के निधन के बाद संभाली कमान, जानें 26 दिनों तक देश चलाने वाले गुलजारीलाल नंदा की कहानी
गुलजारीलाल नंदा भारत के उन चुनिंदा नेताओं में से एक थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन सादगी, ईमानदारी और देशसेवा को समर्पित कर दिया.
क्लाउड सीडिंग का भारतीय इतिहास, जानिए कौन थे डॉ. एस.के. बनर्जी और क्या था उनका ‘कलकत्ता प्रयोग’?
डॉ. सुधांशु कुमार बनर्जी, जिन्हें "मेघ बनर्जी" के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने 1952 में साधारण हाइड्रोजन गुब्बारों की मदद से क्लाउड सीडिंग का सफल प्रयोग कर इतिहास रच दिया.
गुमनामी में खोए उस पहले ओलंपिक हीरो की दास्तान… जिसे नागराज मंजुले पर्दे पर करेंगे जीवंत
खाशाबा दादासाहेब जाधव की प्रेरणादायक कहानी अब फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर लौट रही है.
National Doctors’ Day 2026: कौन थे डॉ. बिधान चंद्र राय, जिनके सम्मान में मनाया जाता है यह दिन? जानें इतिहास और महत्व
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हर वर्ष 1 जुलाई को मनाया जाता है. यह दिन महान चिकित्सक और भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र राय की जयंती एवं पुण्यतिथि पर उनके योगदान को याद करने के साथ देशभर के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण को सम्मान देने के लिए समर्पित है.





