बंगाल में भाजपा का ‘विजय रथ’: 1967 में गोसाबा से शुरू हुई थी पहली विधायक की कहानी, अब बहुमत की ओर!
पश्चिम बंगाल में भाजपा के उदय की कहानी 1967 के चुनाव से शुरू होती है, जब जनसंघ के गोपाल चंद्र मंडल ने गोसाबा सीट जीतकर राज्य में पार्टी का खाता खोला था. वामपंथी दौर की उस छोटी सी शुरुआत से लेकर आज 2026 के विधानसभा चुनाव तक, भाजपा ने एक लंबा सफर तय किया है.
World Press Freedom Day: ‘बड़ी आई पत्रकार’ ग्रामीण भारत की उन महिलाओं की कहानी जिन्होंने बदल दी पत्रकारिता की परिभाषा
आज 3 मई को विश्व पत्रकारिता दिवस (World Press Freedom Day) मनाया जा रहा है.
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर: ‘छत पर मैराथन’–पत्रकारिता की सच्ची दौड़ का दस्तावेज
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर विजय विद्रोही की किताब ‘छत पर मैराथन’ ने पत्रकारिता के संघर्ष और सच्चाई को सामने रखा. यह पुस्तक बताती है कि प्रेस की आज़ादी हर दिन की लड़ाई है, कोई स्थायी अधिकार नहीं...
गौरीशंकर राय : संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी संबोधन के सूत्रधार, जानें भाषाई गौरव की ऐतिहासिक कहानी
स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व सांसद गौरीशंकर राय की आज पुण्यतिथि है. वे वही शख्सियत थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी को पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री स्तर तक पैरवी की थी. अटल बिहारी वाजपेयी के ऐतिहासिक हिंदी संबोधन के पीछे गौरीशंकर राय की दृढ़ इच्छाशक्ति का बड़ा हाथ था.
मजदूर दिवस 2026: कौन थे सिंगरावेलु चेट्टियार? जिन्होंने 103 साल पहले मद्रास के बीच पर भरी थी हुंकार
भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत 1923 में मलयपुरम सिंगरावेलु चेट्टियार ने की थी. एक वकील और कम्युनिस्ट नेता के रूप में उन्होंने पहली बार भारत में लाल झंडा फहराया और मजदूरों के लिए 8 घंटे काम की मांग की.
फातिमा बीबी: सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज और एशिया की पहली महिला सुप्रीम कोर्ट जज
फातिमा बीबी ने सामाजिक बाधाओं को तोड़ते हुए सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज बनकर इतिहास रचा और एशिया की महिलाओं के लिए नई राह दिखाई.
लोकतंत्र की जीत या ‘स्मैश एंड ग्रैब’? सिक्किम विलय की इनसाइड स्टोरी और अनसुने विवाद
सिक्किम, जो 1642 में नामग्याल वंश द्वारा स्थापित एक हिमालयी राजशाही था, 20वीं सदी में धीरे-धीरे भारत के साथ अपने राजनीतिक संबंधों की दिशा में बढ़ा.
वियतनाम युद्ध के 51 साल; अमेरिकी सैनिकों की कुर्बानी और वो सबक, जिसने दुनिया का नजरिया बदल दिया
30 अप्रैल 1975 को साइगॉन पर उत्तर वियतनामी सेना के कब्जे के साथ वियतनाम युद्ध समाप्त हो गया. यह लगभग 20 वर्षों तक चला संघर्ष था, जो मूल रूप से वियतनाम की स्वतंत्रता से जुड़ा था लेकिन शीत युद्ध के दौरान अमेरिका और कम्युनिस्ट शक्तियों के बीच अप्रत्यक्ष युद्ध बन गया.
PM की रेस में ‘शून्य’ पर थे नेहरू, फिर कैसे पलटी बाजी? जानें 1946 के कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव का वो फैसला
1946 का वर्ष भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अंतिम चरण का था, जब सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही थी. कांग्रेस पार्टी को अपना नया अध्यक्ष चुनना था, और यह पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा था.
जय सोमनाथ पुस्तक आत्मसम्मान और विजय के अटूट भाव की गाथा है- सुरेन्द्र अरोड़ा
अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा प्रवासी भवन, नई दिल्ली में कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी कृत ‘जय सोमनाथ’ पर गोष्ठी आयोजित की गई.







