बावनी इमली: सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि आजादी का गवाह; जानें 52 गुमनाम नायकों के बलिदान की ये कहानी
28 अप्रैल 1858 को फतेहपुर के 'बावनी इमली' पेड़ पर ठाकुर जोधा सिंह अटैया समेत 52 क्रांतिकारियों को अंग्रेजों ने फांसी दी थी. इस ऐतिहासिक और उपेक्षित शौर्य गाथा को लेखक भगवंत अनमोल ने अपने उपन्यास 'बावनी इमली' में जीवंत किया है.
तार आया है! 172 साल पहले आज ही शुरू हुई थी वह सेवा, जिसने भारत में संचार की दुनिया बदल दी
27 अप्रैल 1854 को भारत में आधुनिक संचार युग की औपचारिक शुरुआत हुई, जब बंबई से पुणे के बीच पहला आधिकारिक ‘तार’ भेजा गया. यह केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं थी, बल्कि औपनिवेशिक शासन को मजबूत करने वाला एक निर्णायक उपकरण बन गया.
गांधी की बात ठुकराई, जिन्ना का सपना तोड़ा; कौन थे गोपाल पाठा जिन्होंने बंगाल का भूगोल बदल दिया?
1946 में भारत विभाजन से पहले कलकत्ता में सांप्रदायिक तनाव चरम पर था. 16 अगस्त को मुस्लिम लीग द्वारा “डायरेक्ट एक्शन डे” के आह्वान के बाद शहर में भीषण हिंसा फैल गई, जिसे “ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स” के नाम से जाना जाता है.
सिर्फ टीवी नहीं, जिंदगी भी हुई थी रंगीन; जानिए भारत में कब और कैसे शुरू हुआ रंगीन टीवी का प्रसारण?
भारतीय टीवी इतिहास में 25 अप्रैल 1982 का दिन बेहद खास माना जाता है, जब दूरदर्शन ने ब्लैक एंड व्हाइट से रंगीन प्रसारण की ओर कदम बढ़ाया.
अपनी ही बांह काटकर गंगा को कर दी भेंट! कौन थे वीर कुंवर सिंह जिनसे खौफ खाता था ब्रिटिश साम्राज्य?
वीर कुंवर सिंह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रेरणादायक नायकों में से एक थे. 80 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ हथियार उठाए और बिहार सहित कई क्षेत्रों में छापामार युद्ध की रणनीति से उन्हें कड़ी टक्कर दी.
पृथ्वी दिवस विशेष: 4.6 अरब साल का सफर और एक ‘सेकंड’ का इंसान; चखिए विज्ञान और इतिहास का अनोखा संगम
आज पृथ्वी दिवस के मौके पर हम चर्चा कर रहे हैं हार्वर्ड प्रोफेसर एंड्रयू एच. नोल की प्रसिद्ध पुस्तक 'पृथ्वी का संक्षिप्त इतिहास' (मंजुल प्रकाशन) की. यह किताब हमारे नीले ग्रह के 4.6 अरब वर्षों के उतार-चढ़ाव भरे सफर को महज कुछ पन्नों में समेटती है.
जन्मदिन विशेष: वो निडर राजनेता, जिसने पीएम की कुर्सी से ज्यादा अपने स्वाभिमान को चुना
देश के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर समाजवादी विचारक, धारा के खिलाफ अटल संघर्ष करने वाले और ‘युवा तुर्क’ के नाम से प्रसिद्ध चंद्रशेखर की जन्मशती वर्ष की आज शुरुआत हो गई.
ऑपरेशन मेघदूत: जब भारतीय सेना ने ‘दुनिया की छत’ पर गाड़ा झंडा; 42 साल पहले ऐसे फेल हुआ था पाकिस्तान का प्लान
13 अप्रैल 1984 को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन मेघदूत' के जरिए दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर पर तिरंगा फहराया था. पाकिस्तान की चालबाजियों को मात देते हुए भारतीय जांबाजों ने -50°C की हाड़ कंपाने वाली ठंड में 22,000 फीट की ऊंचाई पर जो शौर्य दिखाया, वह सैन्य इतिहास में बेमिसाल है.
दो बार मिली आजादी, तीन राज्यों में फैला साम्राज्य, जानिए भारत के ‘मिनी फ्रांस’ की अनोखी दास्तान
पुडुचेरी भारत का एक अनोखा केंद्र शासित प्रदेश है, जिसे मिनी फ्रांस भी कहा जाता है क्योंकि यहां आज भी फ्रांसीसी संस्कृति, वास्तुकला और परंपराओं के निशान दिखाई देते हैं.
गगनयान की बड़ी कामयाबी; जब आसमान से समंदर में सुरक्षित उतरा ‘क्रू मॉड्यूल’, ISRO ने रचा एक और इतिहास
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया है. इस सफलता ने भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में ला दिया जो स्वदेशी तकनीक से अपने नागरिकों को अंतरिक्ष भेजने और वापस लाने की क्षमता रखते हैं.







