ऑपरेशन अजाक्स: 70 साल पुरानी घटना जिसने ईरान को हमेशा के लिए अमेरिका-विरोधी बनाया
साल 1953 का 'ऑपरेशन अजाक्स' ईरान के इतिहास का सबसे निर्णायक मोड़ था, जिसने लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़कर शाह का शासन फिर से स्थापित किया था. यह घटना सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं थी, बल्कि इसी ने आज के अमेरिका-ईरान तनाव और 1979 की क्रांति की नींव रखी थी.
बरसाना में खेली जा रही लठामार होली: 20 लाख श्रद्धालु जुटे, गलियां अबीर-गुलाल से हुईं रंगीली, 5 हजार साल से ज्यादा पुरानी परंपरा
बरसाना में लट्ठमार होली का विश्व प्रसिद्ध उत्सव मनाया जा रहा है. लगभग 20 लाख श्रद्धालु रंगों में नहाने चले आए हैं, हजारों ढोल-नगाडों की धुन पर झूम रहे हैं.
अमर चित्र कथा के रचयिता अनंत पाई; वह दूरदर्शी शख्स, जिसने विदेशी कॉमिक्स के दौर में भारतीय नायकों को अमर कर दिया
अमर चित्र कथा और टिंकल जैसी कालजयी रचनाओं के जनक अनंत पई, जिन्हें स्नेह से अंकल पई कहा जाता है. उन्होनें भारतीय बच्चों को अपनी संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं से जोड़ने का अद्भुत कार्य किया.
वासुदेव बलवंत फड़के: 1857 की लौ को बुझने नहीं दिया, अंग्रेजों के खिलाफ शस्त्र क्रांति के जनक
वासुदेव बलवंत फड़के (4 नवंबर 1845 – 17 फरवरी 1883) भारत के प्रथम क्रांतिकारी और सशस्त्र स्वतंत्रता संग्राम के जनक माने जाते हैं.
जमनालाल बजाज पुण्यतिथि: गांधीजी के ‘पांचवें पुत्र’ ने कैसे जोड़ा उद्योग, स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार?
महान उद्योगपति जमनालाल बजाज ने व्यापार को गांधीवादी ट्रस्टीशिप से जोड़कर राष्ट्रसेवा का नया मॉडल दिया. अस्पृश्यता उन्मूलन, खादी और स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान आज भी प्रेरणा देता है.
एक हिंसक घटना जिसने गांधी के अहिंसा आंदोलन रोकने पर मजबूर कर दिया
चौरी चौरा कांड की 104वीं वर्षगांठ पर यह घटना फिर याद दिलाती है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसा और जनाक्रोश के बीच संतुलन कितना जटिल था. 1922 की इस घटना ने ना सिर्फ असहयोग आंदोलन को रोका, बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा और बहस को हमेशा के लिए बदल दिया.
मसालों के लिए महायुद्ध: दीव की लहरों पर पुर्तगालियों ने बदला इतिहास, 500 साल पहले ऐसे पड़ा था गुलामी का बीज
क्या आप जानते हैं कि भारत में यूरोपीय गुलामी की नींव एक 'मसाला युद्ध' से पड़ी थी? 3 फरवरी 1509 को दीव के तट पर लड़ी गई वह नौसैनिक जंग, जहाँ काली मिर्च और लौंग के व्यापार पर कब्जे के लिए दुनिया की महाशक्तियां आपस में भिड़ गई थीं.
जीवन रक्षक से सुरक्षा प्रहरी तक: भारतीय तटरक्षक के 50 गौरवशाली वर्ष
भारतीय तटरक्षक बल अपने स्थापना दिवस पर स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है. 1976 में सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह बल आज समुद्री सुरक्षा, जीवन रक्षा अभियानों और राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की रक्षा में एक मजबूत स्तंभ बन चुका है. पांच दशकों में आईसीजी ने साहस, सेवा और आधुनिकता की नई मिसाल कायम की है.
केरल का ऐतिहासिक कदम : देश में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित बजट पेश
केरल ने देश में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से Elderly Budget पेश कर इतिहास रच दिया है. 2026-27 के बजट में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए Silver Economy और Care Economy को विकास की धुरी बनाया गया है.
संविधान और उससे जुड़ी आज की चिंताओं का जवाब तलाशती हम भारत के लोग
77वें गणतंत्र दिवस पर वाणी प्रकाशन की पुस्तक “हम भारत के लोग : भारतीय संविधान पर नौ निबंध” संविधान के मूल आदर्शों, संस्थागत ढांचे और उसकी आज की प्रासंगिकता पर सोचने को मजबूर करती है.





