परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक मील का पत्थर, थोरियम युग की शुरुआत
भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित 500 मेगावाट प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) में 6 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक क्रिटिकलिटी प्राप्त की है.
द्रविड़ राजनीति की गहराई समझाती ‘पेरियार से जयललिता तक’
अभी देश की नजरें तमिलनाडु पर टिकी हैं. विधानसभा चुनाव में डीएमके-एआईएडीएमके की द्रविड़ पार्टियां फिर से अपनी पहचान, भाषा और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर मोर्चा संभाले हुए हैं, जबकि नई ताकतें जैसे अभिनेता विजय की टीवीके और भाजपा की कोशिशें द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक गढ़ को चुनौती दे रही हैं.
आरा के स्कूल से दिल्ली के सिंहासन तक; बाबू जगजीवन राम की वो कहानी, जिसने बदली देश की तकदीर
बाबू जगजीवन राम, दलित समाज के प्रेरणास्रोत और स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी का आज जन्मदिन हैं. भारत के रक्षा मंत्री, कृषि मंत्री और उप-प्रधानमंत्री रह चुके बाबू जगजीवन राम ने हरित क्रांति, 1971 के युद्ध और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है.
विवेक अग्निहोत्री की ‘रक्तबोध’ ने हिलाया बंगाल का इतिहास; विभाजन के खूनी पन्नों की दास्तां, जिन्हें किताबों से मिटा दिया गया
क्या बंगाल का इतिहास केवल 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' तक सीमित है? विवेक रंजन अग्निहोत्री की नई किताब 'रक्तबोध' उन कड़वे सत्यों को सामने लाती है, जिन्हें दशकों तक सेक्युलर राजनीति और औपनिवेशिक इतिहासकारों ने दबाए रखा.
त्रिवेणी कला संगम के 75 वर्ष: एक जिद्दी नृत्यांगना का सपना, जिन्होंने हार मानना नहीं सीखा
75 वर्ष की यात्रा: दिल्ली के मंडी हाउस में त्रिवेणी कला संगम 75 साल पूरे कर चुका है. एक जिद्दी नृत्यांगना सुंदरी श्रीधरानी का ₹10,000 से शुरू हुआ सपना आज भारत की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत केंद्र बन गया. यहां नृत्य, संगीत और चित्रकला का संगम है.
गैरेज से शुरू हुआ ‘एप्पल’ का सफर, 50 सालों में कैसे बनी दुनिया की सबसे कीमती कंपनी?
1 अप्रैल 1976 को स्टीव जॉब्स और स्टीव वोज्नियाक ने अपने गैरेज में एप्पल कंप्यूटर कंपनी की नींव रखी. आज, 2026 में, एप्पल अपने 50वें वर्ष (Apple@50) मना रही है.
IFS ऑफिसर से लोकसभा स्पीकर तक, बाबू जगजीवन राम की विरासत और मीरा कुमार का बुलंद सफर
मीरा कुमार भारतीय राजनीति की एक ऐसी सशक्त और प्रेरणादायक हस्ती हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा, सौम्यता और दृढ़ नेतृत्व के बल पर देश की संसदीय परंपराओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.
देश की पहली महिला डॉक्टर: आनंदीबाई जोशी
आज देश की पहली महिला डॉक्टर आनंदीबाई जोशी की जयंती है. 19वीं सदी के रूढ़िवादी समाज की बेड़ियां तोड़कर अमेरिका से मेडिकल डिग्री लेने वाली आनंदीबाई की कहानी आंसू और साहस की मिसाल है.
देविका रानी चौधरी: भारतीय सिनेमा की पहली नायिका
आज भारतीय सिनेमा की नींव रखने वाली महान अभिनेत्री देविका रानी की 118वीं जयंती है. लंदन में पढ़ाई, 'बॉम्बे टॉकीज' की स्थापना और पर्दे पर सामाजिक बेड़ियों को तोड़ने वाली देविका रानी का सफर बेहद साहसी रहा.
‘जाति नहीं, कर्म से महान बनता है इंसान’; 75 साल बाद भी क्यों प्रासंगिक है दिनकर की ‘रश्मिरथी’?
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कृति ‘रश्मिरथी’ हिंदी साहित्य का एक कालजयी खंडकाव्य है, जो महाभारत के महान योद्धा कर्ण के जीवन, संघर्ष, दान, वीरता और अंतिम बलिदान पर केंद्रित है.







