बिना चुनाव लड़े ‘सत्ता का सम्राट’; बालासाहेब ठाकरे के 100 साल, जिनके एक इशारे पर थम जाती थी मुंबई
चुनाव कभी नहीं लड़े, कोई पद नहीं संभाला, फिर भी दशकों तक सत्ता की धुरी बने रहे. बालासाहेब ठाकरे सत्ता के नहीं, सोच और सिंहगर्जना के सम्राट थे.
355 वोट और एक नया इतिहास: लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद कैसे ‘गूंगी गुड़िया’ से ‘आयरन लेडी’ बनीं इंदिरा
19 जनवरी 1966 का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक क्रांतिकारी मोड़ था. लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद उपजे राजनीतिक शून्य को भरने के लिए कांग्रेस के भीतर पहली बार गुप्त मतदान के जरिए चुनावी जंग हुई. एक तरफ अनुभवी मोरारजी देसाई थे, तो दूसरी तरफ नेहरू की विरासत संभाल रहीं इंदिरा गांधी.
न विज्ञापन, न कोई फीस; फिर भी इंटरनेट का ‘बादशाह’ बना विकिपीडिया, पूरे किए 25 साल
इंटरनेट की दुनिया के सबसे बड़े ज्ञानकोश 'विकिपीडिया' ने अपनी सफलता के 25 साल पूरे कर लिए हैं. 15 जनवरी 2001 को शुरू हुआ यह सफर आज 300 से अधिक भाषाओं और 6.6 करोड़ से ज्यादा लेखों तक पहुंच चुका है.
महाश्वेता देवी: एक शताब्दी की संघर्षपूर्ण सशक्त आवाज, जिनकी कृतियां धरोहर से कम नहीं
महाश्वेता देवी केवल लेखिका नहीं थीं, वे प्रतिरोध की आवाज थीं. आदिवासियों, दलितों और स्त्रियों के संघर्ष को साहित्य का केंद्र बनाकर उन्होंने लेखन को आंदोलन बनाया.
सरस्वती राजमणि: भारत की पहली महिला जासूस
महज 16 साल की उम्र में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ खुफिया युद्ध लड़ने वाली सरस्वती राजमणि भारत की पहली महिला जासूस थीं. झांसी की रानी रेजिमेंट से लेकर INA की मिलिट्री इंटेलिजेंस तक, उनका साहस और बलिदान स्वतंत्रता संग्राम की एक अनसुनी लेकिन निर्णायक कहानी है.
तुर्कमान गेट: आपातकाल की एक काली स्याही से लिखी गई त्रासदी
दिल्ली के तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने आपातकाल के दौर की उस भयावह घटना की याद ताज़ा कर दी, जब 18 अप्रैल 1976 को तोड़फोड़ और पुलिस फायरिंग में दर्जनों लोगों की जान गई थी.
‘विदेशी हाथ’ की छाया: इंदिरा गांधी से मादुरो तक का ऐतिहासिक पैटर्न
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की निर्णायक जीत के बाद इंदिरा गांधी की लोकप्रियता चरम पर थी. लेकिन 1973 में चिली में लोकतांत्रिक रूप से चुने गए समाजवादी राष्ट्रपति सल्वाडोर अलेंदे की हत्या और जनरल ऑगस्टो पिनोशे के सैन्य तख्तापलट ने इंदिरा के मन में गहरा डर पैदा कर दिया.
ललित नारायण मिश्र: स्वतंत्र भारत के पहले केंद्रीय मंत्री, 50 साल बाद भी अनसुलझी हत्या की गुत्थी
2 जनवरी, 1975 को समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर हुए बम धमाके ने भारत के तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र की जान ले ली. यह स्वतंत्र भारत में किसी केंद्रीय मंत्री की पहली हत्या थी.
ऑनलाइन गेमिंग को लेकर लाए गए कानून को लेकर जानकारों ने अलग-अलग व्यक्त की राय
ऑनलाइन गेमिंग पर पाबंदी लगाने की मांग काफी दिनों से चल रही थी. कहा जा रहा था कि ऑनलाइन गेमिंग के चलते युवा बर्बाद हो रहे है. कई युवाओं ने आत्महत्या तक कर ली है.
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा पंचायत चुनाव में पलटा नतीजा, मोहित कुमार बने सरपंच, कई राज्यों में चुनाव विवाद अदालत पहुंचा
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पानीपत पंचायत चुनाव का नतीजा बदलते हुए मोहित कुमार को सरपंच घोषित किया. वहीं उत्तराखंड और चंडीगढ़ के पंचायत व मेयर चुनाव भी धांधली के आरोपों के चलते अदालत की चौखट तक पहुंचे.







