मंगल पांडे को फांसी और दिल्ली पर कब्जा! 1857 के गदर की वो खूनी दास्तान, जिसने मिटा दिया मुगल साम्राज्य
1857 Revolt Indian History: 1857 की क्रांति में मेरठ के सिपाहियों ने दिल्ली पर कब्जा कर बहादुर शाह जफर को नेता चुना, लेकिन अंग्रेजों के भयानक पलटवार ने मुगल साम्राज्य का अंत कर दिया.
हीरो या क्रूर शासक? टीपू सुल्तान और मैसूर के सुल्तानों के अनछुए सच को उजागर करती किताब
पुष्पा कुरूप की यह किताब दक्षिण भारत के इतिहास के सबसे विवादास्पद अध्यायों में से एक हैदर अली और टीपू सुल्तान के शासनकाल पर एक संतुलित, तथ्य-आधारित और चुनौतीपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है.
क्या बिखर जाएगा यूनाइटेड किंगडम? ट्रंप के बयान के बीच इन तीन राष्ट्रों के बड़े फैसले से डरी ब्रिटिश सरकार
स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के प्रथम मंत्रियों ने सोमवार को एक संयुक्त समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए. इससे इन तीनों देशों की ओर से यूनाइटेड किंगडम (यूके) से स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह कराने का इरादा स्पष्ट हो गया है.
दो नाल वाली बंदूक…’ आखिर कैसे पेरियार से बगावत कर अन्नादुरै ने बनाई तमिलनाडु की सबसे ताकतवर पार्टी DMK
पेरियार और अन्नादुरै के बीच आजादी के दिन और व्यक्तिगत फैसलों पर हुए मतभेदों ने तमिलनाडु की राजनीति की दिशा बदल दी और 1949 में DMK का जन्म हुआ.
कोलकाता के छोटे कमरे से हर भारतीय रसोई तक: जानिए कैसे बनी देश की सबसे पुरानी बिस्किट कंपनी ‘ब्रिटानिया’
महज 295 रुपये से शुरू होकर 1.21 लाख करोड़ की कंपनी बनने वाली ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज का 134 साल पुराना इतिहास. जानिए कैसे विदेशी हाथों से निकलकर यह बनी देश की सबसे बड़ी खाद्य कंपनी.
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी गई, अब राधाष्टमी मनाने को आतुर करोड़ों सनातनी, क्या आपने किए इनके प्राकट्य स्थल के दर्शन?
राधा अष्टमी 2026: इस बार श्रीराधा का 5254वां प्राकट्योत्सव मनेगा. BharatExpress.Com पर आज ही जान लीजिए श्रीराधा के प्राकट्य का रहस्य. 5254 बरस पहले यमुना किनारे रावल में कमल पुष्प पर प्रकट हुई थीं लाडली जी, पहली बार अपने नेत्र श्रीकृष्ण के आने पर खोले.
झूम खेती से लेकर शिक्षा के गढ़ तक, जानिए कैसे लाल थानहॉला ने बदल दी मिज़ोरम की तस्वीर
लाल थानहॉला की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति के राजनीतिक सफर की नहीं है, बल्कि यह मिज़ोरम के उस मुश्किल दौर और उसके पुनर्निर्माण की दास्तान है, जब राज्य ने अलगाव और हिंसा के अंधेरे से निकलकर लोकतंत्र और शांति की रोशनी को अपनाया.
जब टीवी मतलब सिर्फ ‘दूरदर्शन’ हुआ करता था, जानिए कैसे आधी आबादी ने सींचा देश का पहला चैनल
जब हम दूरदर्शन के इतिहास को याद करते हैं, तो हमारे जेहन में कुछ जाने-पहचाने चेहरे और पुरानी सिग्नेचर ट्यून घूम जाती है. लेकिन उस कैमरे के पीछे, उस कंट्रोल रूम की धुंधली रोशनी में और उन भारी-भरकम मशीनों के बीच काम करने वाली महिलाओं का पसीना इस इतिहास का सबसे मजबूत स्तंभ है.
पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग एक मंच पर… जानिए क्यों खास रही भारत की यह डिप्लोमैटिक चाल?
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (12-13 सितंबर 2026) ने वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है.
बनारस से भारत मंडपम तक, जानिए क्यों ‘ग्लोबल साउथ’ की सबसे बड़ी आवाज बन रहा है भारत का ‘ब्रिक्स मॉडल’?
जब भी हम अंतरराष्ट्रीय मंचों और ब्रिक्स (BRICS) जैसे बड़े संगठनों की बात करते हैं, तो अक्सर हमारे दिमाग में बड़ी-बड़ी बैठकें और समझौतों के कागजात आते हैं. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में भारत की ब्रिक्स कूटनीति सिर्फ प्रोटोकॉल तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें एक गहरी सिविलिज़ेशनल सोच दिखती है.





