मेघनाद साहा: भारतीय खगोल विज्ञान के महानायक
Meghnad Saha: मेघनाद साहा को सबसे बड़े खगोल विज्ञानी के रूप में जाना जाता है. उन्होंने ऐसा उपकरण बनाया जो सोलर किरणों के दबाव और वजन को माप सकता था. अपनी प्रसिद्ध साहा इक्वेशन के जरिए उन्होंने तारों के ताप और वर्णक्रम के निकट संबंध के भौतिकीय कारणों को खोज निकाला.
प्रेस की आजादी का आर्थिक मॉडल, रामनाथ गोयनका ने बिना विज्ञापन झुकाए कैसे बचाई मीडिया की साख?
रामनाथ गोयनका भारतीय पत्रकारिता के उन चुनिंदा नामों में हैं, जिन्होंने प्रेस की आजादी को सिर्फ विचार नहीं, बल्कि अपने काम का हिस्सा बनाया.
जब ‘शेषन’ से कांपते थे नेता… लिंगदोह की तकरार और अब ज्ञानेश कुमार के दौर की चुनौतियां, जानिए कैसे बदला चुनाव आयोग?
भारत के लोकतंत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त का पद हमेशा से विशेष महत्व रखता रहा है. यह पद ना सिर्फ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी वहन करता है, बल्कि समय-समय पर राजनीतिक दबावों के बीच अपनी विश्वसनीयता साबित करने की भी परीक्षा देता है.
गांधी का ‘ग्राम स्वराज’ और आज का संविधान: क्या हमने सच में गुरु को भुला दिया?
Fundamental Duties: भारतीय संविधान निर्माताओं ने अधिकारों को प्राथमिकता दी, जबकि महात्मा गांधी का मानना था कि अधिकार केवल कर्तव्यों के सच्चे पालन से उत्पन्न होते हैं. जानिए संविधान निर्माण और गांधीवादी विचारों के बीच के संतुलन व संघर्ष की पूरी कहानी.
100 साल का हुआ UPSC: जानिए कैसे ली कमीशन की सिफारिश से बदला भारत का प्रशासनिक ढांचा
1 अक्टूबर 1926 को स्थापित UPSC ने 1 अक्टूबर 2026 को अपना शताब्दी वर्ष पूरा किया. जानिए ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर से लेकर धौलपुर हाउस और संवैधानिक निकाय बनने तक की पूरी यात्रा.
अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस: जानिए शब्दों के पार कैसे गूंजती है भोजपुरी की लोक-संस्कृति?
प्रत्येक वर्ष 30 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस मनाया जाता है. यह दिवस संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्हें अनुवादकों का संरक्षक संत माना जाता है. संत जेरोम ने चौथी-पाँचवीं शताब्दी में बाइबल का लैटिन में अनुवाद किया था, जिसे ‘वulgेट’ के नाम से जाना जाता है.
मंच की चमक से परे जमीन की सियासत, भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल में कैसे सक्रिय रहा यूपी बीजेपी का संगठन?
भूपेंद्र सिंह चौधरी का यूपी बीजेपी अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल संगठन को मजबूत करने और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक अहमियत को बनाए रखने के लिए जाना गया.
हर घर में गूंजती है जिनकी आरती: जानिए कौन थे ‘ओम जय जगदीश हरे’ के अमर रचयिता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी
Hindi Literature: विश्व प्रसिद्ध आरती 'ओम जय जगदीश हरे' के रचयिता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी न केवल एक धार्मिक रचनाकार थे, बल्कि उन्होंने हिंदी के आरंभिक उपन्यासों में से एक 'भाग्यवती' लिखकर साहित्य और समाज सुधार को एक नई दिशा दी.
न सांसद, न विधायक फिर भी राजनीति के अमर योद्धा, जानिए क्यों आज भी प्रासंगिक हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय?
पंडित दीनदयाल उपाध्याय न सांसद बने न विधायक, लेकिन सिद्धांतों और मूल्यों की राजनीति के दम पर वे भारतीय इतिहास में अमर हो गए. जानिए उनके प्रेरक जीवन के अहम प्रसंग.
जब बच्चे कहानी पढ़ने से पहले खो जाते थे तस्वीरों में… याद आए ‘चंदामामा’ के मशहूर आर्टिस्ट के.सी. शिवाशंकर
आज 29 सितंबर को चन्दामामा के प्रसिद्ध चित्रकार के.सी. शिवाशंकर की छठी पुण्यतिथि है. 29 सितंबर 2020 को चेन्नई में 97 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था. वे चन्दामामा के अंतिम जीवित कलाकारों में से एक थे और उनकी कला ने पीढ़ियों को मोहित किया.







