US-China Tariff: अमेरिका ने चीन पर नया टैरिफ थोपने का अपना फैसला फिलहाल टाल दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बताया कि उन्होंने US-CHINA टैरिफ डेडलाइन को 90 दिन और आगे बढ़ाने के लिए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन कर दिये हैं. अब यह डेडलाइन 9 नवंबर तक बढ़ गई है. फिलहाल चीन पर 30% टैरिफ लागू है.
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 245% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. जिसका जवाब देते हुए चीन ने अमेरिका पर 125% टैरिफ लगाने की बात कही थी. लेकिन 11 मई को जिनेवा में अमेरिका और चीन के बीच एक ट्रेड डील हुई. जिसके बाद ट्रंप ने चीन पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला 90 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया था. जिसकी डेडलाइन 11 अगस्त को खत्म हो रही थी. अब एक बार फिर ट्रंप ने चीन पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला 90 दिनों के लिए टाल दिया है.
“मेरा, जिनपिंग से काफी अच्छा रिश्ता है”
डेडलाइन बढ़ाने के फैसले से कुछ घंटे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो अमेरिका पर टैरिफ बढ़ाएंगे? जिसका जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा,
“देखते हैं क्या होता है. जिनपिंग अच्छा काम कर रहे हैं. मेरा और राष्ट्रपति जिनपिंग का रिश्ता काफी अच्छा है”
टैरिफ की चीन की अर्थव्यवस्था पर असर
अमेरिका अगर चीन पर ऊंचे टैरिफ लगाता है तो इसका चीन के निर्यात और इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ सकता है. चीन हर साल करीब 500 अरब डॉलर का अमेरिका को सामान बेचता है. चीन में ही अमेरिका की Apple जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां अपनी फैक्ट्री लगाकर प्रोडक्शन करती हैं. अगर अमेरिका ने चीन पर टैरिफ लगाया तो इसका महंगाई पर असर पड़ सकता है.
चीन की GDP में 1% तक आ सकती है गिरावट
फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, अगर टैरिफ की दरें और बढ़ाई गईं तो चीन की GDP में 1% की गिरावट आ सकती है.
ट्रंप ने भारत पर लगाया है 50% टैरिफ
गौरतलब है कि, पिछले हफ्ते ही ट्रंप ने भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. जिसमें उन्होंने वजह बताते हुए कहा कि, भारत रूस से तेल खरीद रहा है. जिसकी वजह से रूस जैसी किलिंग मशीन को इंदन मिल रहा है. जिसके बाद अब भारत पर कुल टैरिफ 50% हो गया है. यह एक्स्ट्रा टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा.
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भारत ने अमेरिका के इस फैसले का किया है विरोध
वहीं अमेरिका के इस फैसले का भारत ने विरोध किया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि, उसका तेल आयात पूरी तरह बाजार पर आधारित है. यह उसके 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए है.
इससे पहले ट्रंप, रूस को भी टैरिफ लगाने की धमकी दे चुके हैं. उन्होंने रूस को चेतावनी देते हुए कहा है कि, अगर मॉस्को ने 50 दिन के भीतर यूक्रेन के साथ शांति समझौता नहीं किया तो उसपर भी 100% टैरिफ लगा देंगे. इसके अलावा ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भी सेकेंडरी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है.
– भारत एक्सप्रेस
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