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जनरल ने रख ली दाढ़ी…जय बांग्ला की जगह अल्लाहु अकबर… बांग्लादेश सेना में कट्टरपंथ की एंट्री ने उड़ाई भारत की नींद

Bangladesh Army islamization: बांग्लादेश की राजनीति में फैले कट्टर इस्लामवाद का असर अब वहां की सेना में भी घुस चुका है. बांग्लादेश की सेना ने नई सैन्य यूनिट की 4 कंपनियों का नाम इस्लाम के खलिफाओं पर रख दिया है. दुनिया में चर्चा हो रही है कि क्या बांग्लादेश अब पाकिस्तान के नक्शे कदम पर चलने लगा है.

Bangladesh Army islamization

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Bangladesh Army islamization: बांग्लादेश की राजनीति में फैले कट्टर इस्लामवाद का असर अब वहां की सेना में भी घुस चुका है. कुछ दिनों पहले सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान ने सैनिकों को इस्लामिक धार्मिक मूल्यों और सिद्धांतों का पालन करने की नसीहत दी थी. वहीं अब बांग्लादेश की सेना ने नई सैन्य यूनिट की 4 कंपनियों का नाम इस्लाम के खलिफाओं पर रख दिया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नई सैन्य यूनिट का नाम इस्लाम धर्म के पहले 4 खलिफाओं उमर, अबू बक्र, अली और उस्मान रखे गए हैं. जिसके बाद से बांग्लादेश को लेकर दुनिया में चर्चा हो रही है कि क्या बांग्लादेश अब पाकिस्तान के नक्शे कदम पर चलने लगा है.

फिदेल कास्रो ने की थी भविष्यवाणी

हालांकि यह कदम नया नहीं है. साल 1973 में बांग्लादेश की सेना के चाल-चलन को देख क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो ने भी इसकी भविष्यवाणी की थी.

फिदेल कास्त्रो ने उस समय शेख मुजीबुर रहमान को इसके बारे में चेतावनी भी दी थी. उन्होंने कहा था कि सेना में मौजूद कट्टर सोच रखने वाले लोगों को हटाना होगा, नहीं तो आने वाले दिनों में बांग्लादेश का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा.

पहले सद्भावना की बातें करते थे अब रख ली दाढ़ी

इससे पहले बांग्लादेश में हिंदुओं पर कट्टरपंथियों के लगातार हो रहे हमलों को लेकर जनरल वकार-उज-जमान ने आपसी सद्भाव की बात कही थी. उन्होंने जन्माष्टमी के मौके पर कहा था कि बांग्लादेश के लोग भी भगवान कृष्ण के आदर्शों पर चलेंगे. तब उनके इस बयान को तब लोगों ने हिंदुओं के नरसंहार पर मरहम लगाना बताया था.

अब बांग्लादेश के सेना प्रमुख में बड़ा बदलाव आ गया है. पहले वो क्लीन सेव रखते थे, लेकिन उन्होंने पूरी दाढ़ी रख ली है. जो जनरल वकार लोगों से सद्भावना की अपील करते थे, वो अब सेना को इस्लामी मूल्यों को अपनाने की बात कह रहे हैं.

शेख हसीना के जाने के बाद कट्टरपंथी ताकतें हुई मजबूत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब से बांग्लादेश से शेख हसीना सरकार की विदाई हुई है तब से वहां कट्टरपंथी ताकतें मजबूत हुई हैं.

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भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल एम.के. दास ने अपने लेख में दावा किया है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान की सेना के रिश्तों में हाल के दिनों में काफी मजबूती आई है. जिसका असर अब सेना के तौर-तरीकों से लेकर उसके नारों तक में दिखाई दे रहा है. पहले बांग्लादेश की सेना की नई बटालियों का युद्ध नारा ‘जय बांग्ला’ हुआ करता था, जो अब बदलकर ‘अल्लाहु अकबर’ कर दिया गया है.

-भारत एक्सप्रेस



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