AI chatbot Doctor Fraud
AI chatbot Doctor Fraud: अगर आप भी अपनी किसी बीमारी के लक्षण को लेकर गूगल करते हैं या किसी एआई चैटबोट का सहारा लेते हैं, तो अभी भी संभल जाइये. आप जिसे डॉक्टर समझ रहे हैं वो सिर्फ कोड का पुलिंदा है.
हाल ही में अमेरिका की एक AI कंपनी ‘कैरेक्टर एआई’ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. जिसपर आरोप लगाया गया है कि कंपनी के चैटबॉट लोगों से खुद को लाइसेंस प्राप्त डॉक्टर के तौर पर इंट्रोड्यूज कर बात कर रहा था. यह सिर्फ एक AI संकट नहीं बल्कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है. पेंसिल्वेनिया कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है.
कैसे खुला मामला?
दरअसल यह पूरा मामला अमेरिका के पेंसिल्वेनिया प्रांत का है. जहां एक जांच अधिकारी ने इस AI कंपनी ‘कैरेक्टर एआई’ के प्लेटफॉर्म पर मनोचिकित्सा सर्च किया. इस दौरान एआई चैटबॉट ने खुद को डॉक्टर बताने का दावा किया. यह देख जांच अधिकारी अचंभित रह गया.
जांच अधिकारी से एमिली नाम के कैरेक्टर एआई चैटबॉट ने बातचीत की. जिसमें उसने बताया कि वह इम्पीरियल कॉलेज ऑफ लंदन से मेडिकल की पढ़ाई की है. इस फिल्ड में उसे 7 साल तक काम करने का अनुभव है. चैटबॉट ने यहां तक दावा किया कि वह अभी भी ब्रिटेन में प्रैक्टिस करती है. उसने जांच अधिकारी को अपना नकली लाइसेंस नंबर भी दिया.
मामले को लेकर पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने कंपनी के खिलाफ बेहद तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि पेंसिल्वेनिया के लोग यह जानने का अधिकार रखते हैं कि वे किसी मशीन से बात कर रहे हैं या किसी इंसान से. एआई को डॉक्टर बताकर लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता.
उन्होंने एआई के इस डॉक्टर अवतार को भयावह बताया. उन्होंने कहा कि मामले की जांच में सब परतें खुलकर सामने आ जाएंगी.
पहली बार आया ऐसा मामला
अमेरिका के कैरेक्टर टेक्नोलॉजीज इंक (कैरेक्टर एआई ) पर लगा यह आरोप अपने आप में अनूठा है. यह पहली बार है जब किसी एआई कंपनी पर ऐसा केस दर्ज किया गया हो.
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब एआई ने इंसानों के साथ ऐसा भद्दा मजाक किया हो. इससे पहले एक महिला ने कैरेक्टर एआई और गूगल के खिलाफ केस दर्ज कराया था. जिसमें उसने आरोप लगाया था कि दोनों के चैटबॉट ने उसके किशोर बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाया था.
-भारत एक्सप्रेस
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