US Israel Iran Conflict: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. ट्रंप ने तेहरान में उमड़ी भीड़ को देखते हुए कहा था कि यह भीड़ एक सैन्य अवसर हो सकती है लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा कदम उठाना संभव नहीं है क्योंकि बातचीत की कोशिशें जारी हैं. उन्होंने अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस से कहा, ‘वे सब वहीं हैं. एक शॉट और सब खत्म, लेकिन तब हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं होगा.’
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
ट्रंप के बयान पर ईरान ने कड़ा विरोध जताया. आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका कभी इस शोक को समझ नहीं सकता क्योंकि उसके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान. ईरान ने कहा कि खामेनेई की मौत के बाद उमड़ी भीड़ इस बात का सबूत है कि आदर्शों को खत्म नहीं किया जा सकता.
भीड़ और प्रतीकात्मक संदेश
दूतावास ने लिखा कि ‘लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं. आपने अयातुल्ला खामेनेई को मारा, लेकिन असल में आपने एक खुशबू की बोतल तोड़ी है जिसकी महक हर जगह फैल गई.’ ईरान ने ट्रंप पर हमला करते हुए कहा कि वे इन भावनाओं को कभी नहीं समझ सकते.
अंतिम संस्कार की तैयारियां
खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम शनिवार से शुरू हुआ. राजधानी तेहरान में सड़कों को बंद कर दिया गया, एयरस्पेस पर रोक लगाई गई और रोजमर्रा की जिंदगी थम गई. रविवार को पूरे ईरान में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया.
ताबूत और श्रद्धांजलि
खामेनेई का ताबूत ईरानी झंडे से ढका हुआ था और उस पर उनकी काली पगड़ी रखी थी. इसे उन चार रिश्तेदारों के ताबूतों के साथ रखा गया था जो फरवरी के हमलों में मारे गए थे, जिनमें उनकी पोती भी शामिल थी.
लाखों लोगों की मौजूदगी
ईरानी अधिकारियों ने बताया कि तेहरान में अंतिम संस्कार में करीब 10 मिलियन लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. राजधानी में कार्यक्रम के बाद खामेनेई के शव को ईरान के अन्य शहरों और पड़ोसी इराक में भी ले जाया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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