Georgia Protest: यूरोप और एशिया की सीमा पर मौजूद जॉर्जिया इस समय इतिहास के सबसे बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शन से जूझ रहा है. शनिवार को राजधानी त्बिलिसी में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन (ओर्बेलियानी पैलेस) में घुस गए और आगजनी की कोशिश की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस ने हिंसक झड़प भी देखने को मिली. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जॉर्जिया की मौजूदा सरकार को रूस समर्थक होने का आरोप लगाया है.
यह प्रदर्शन देश में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव के खिलाफ हो रहा है. जिसका EU (यूरोपीय संघ) समर्थक विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया है. विपक्ष का कहना है कि मौजूदा सरकार धांधली कर रही है.
यूरोपीय संघ के राजदूत पर लगाये गंभीर आरोप
वहीं विपक्षी दलों के इन आरोपों को वर्तमान सरकार ने गलत बताया है और यूरोपीय संघ पर जॉर्जिया में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है. जॉर्जिया के प्रधानमंत्री इराकली कोबाखिद्ज़े ने कहा है कि यूरोपीय समर्थक दंगाइयों ने ना सिर्फ प्रेसिडेंशियल पैलेस में घुसने की कोशिश की बल्कि पैलेस के बाहर मौजूद बैरिकेड्स में आग भी लगा दी. उन्होंने यूरोपीय संघ के राजदूत पर जॉर्जिया में मौजूदा सरकार के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की मदद करने संबंधित कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
🇬🇪⚡ रूस समर्थित जॉर्जियाई सरकार पर संकट के बादल!
🔥। देशभर से लोग राजधानी तिबिलिसी की ओर उमड़ रहे हैं। इतिहास के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक आकार ले रहा है।
कथित धांधलीपूर्ण चुनावों के बीच जनता सड़कों पर है और सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।#Georgia #Tbilisi #Protests… pic.twitter.com/PmjPCeVXSL— Madhurendra kumar मधुरेन्द्र कुमार (@Madhurendra13) October 4, 2025
ओपेरा सिंगर पाता बरचुलाद्जे ने किया नेतृत्व
सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी शनिवार को जॉर्जिया और यूरोपियन यूनियन के झंडे हाथों में लेकर पूरे त्बिलिसी में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी राजधानी त्बिलिसी के फ्रीडम स्कायर और रुस्तवेली एवेन्यू से मार्च निकालकर राष्ट्रपति भवन पहुंचे. इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व प्रसिद्ध ओपेरा सिंगर पाता बरचुलाद्जे (Paata Burchuladze) ने किया.
उन्होंने प्रदर्शन के दौरान एक घोषणा पढ़ी जो इस समय इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है. उन्होंने अपने घोषणा पत्र में गृह मंत्रालय के कर्मचारियों से जनता की इच्छा का पालन करने, जॉर्जियन ड्रीम पार्टी के 6 वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार करने की मांग की है. इन नेताओं में जॉर्जिया के मौजूदा प्रधानमंत्री इराकली भी शामिल हैं.
क्यों विपक्ष कर रहा चुनावों का विरोध?
कॉकस क्षेत्र में मौजूद देश जॉर्जिया में राजनीतिक संकट पिछले साल हुए संसदीय चुनावों के बाद से ही छाया हुआ है. विपक्ष चुनावों में सत्तारूढ़ दल जॉर्जियन ड्रीम पार्टी पर चुनावों में धांधली का आरोप लगाया है. विपक्ष का कहना है कि सत्तारूढ़ दल लगातार धांधली कर चुनाव जीत रही है.
विपक्ष के इस आरोप को तब और बल मिल गया जब देश में चुनाव कराने के लिए नियुक्त किए गए इंटरनेशनल ऑब्जर्वर्स ने भी जॉर्जियन ड्रीम पार्टी पर चुनाव में अनियमितता करने, हिंसा और धमकी देने का आरोप लगाया और चुनाव को धांधलीपूर्ण करार दिया. जिसके बाद पीएम इराकली कोबाखिद्ज़े ने जॉर्जिया को EU में शामिल करने को लेकर होने वाली बैठक को स्थगित कर दिया. जॉर्जियन पीएम की इस हरकत के बाद जनता में गुस्सा और फूट पड़ा.
नए सिरे से चुनाव करने की मांग
जॉर्जिया में हो रहे ये प्रदर्शन का मुख्य कारण कोबाखिद्जे सरकार की नीतियां रही हैं. सत्तारूढ़ सरकार ने कुछ महीनों से सरकार के खिलाफ लिखने और बोलने वालों के खिलाफ जबरदस्त एक्शन लिया है. कई विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों को जेल में डाल दिया है.
स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूण दल जॉर्जियन ड्रीम पार्टी ने 80% से ज्यादा वोट प्राप्त कर सभी 64 नगर पालिका सीटों पर जीत दर्ज कर ली. जिसे विपक्ष ने अवैध करार दिया है. विपक्ष ने सरकार से दोबारा चुनाव कराने और राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की है.
-भारत एक्सप्रेस
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