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ना डरेंगे और ना झुकेंगे! ट्रंप फोन करते रह गए लेकिन पीएम मोदी ने नहीं उठाया, जर्मनी के अखबार ने बताया कैसे गिड़गिड़ा रहा अमेरिका

German Newspaper FAZ On PM Modi: FAZ लिखता है कि ट्रंप की शैली हमेशा से टकराव वाली रही है. वे बातचीत के बजाय धमकी देने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं. अधिकतर देश तो उनके दबाव में आ गए, लेकिन भारत उनके दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है.

German newspaper FAZ on PM modi,

FAZ लिखता है कि भारत ट्रंप के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाकर पीएम मोदी को दबाव में लाने की कोशिश की, लेकिन पीएम मोदी ने ट्रंप के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया. ये दावा किया है जर्मनी के प्रतिष्ठित अखबार फ्रैंकफर्टर आलगेमाइने साइटुंग (FAZ) ने. अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप का फोन उठाने से इनकार कर दिया है. अखबार लिखता है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने टैरिफ दबाव से दुनिया के लगभग सभी देशों को हरा चुके हैं, लेकिन उनकी यह रणनीति भारत के मामले में कारगर नहीं दिख रही है.

FAZ अखबार ने अपनी हेडलाइन में लिखा, “Trump calls, but Modi doesn’t answer” यानी “ट्रंप के कॉल का पीएम मोदी नहीं दे रहे जवाब.”

जर्मन अखबार ने किया बड़ा दावा

अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बीते सप्ताह में पीएम मोदी से बात करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने 4 बार कॉल की, लेकिन भारत ने उस कॉल का कोई जवाब नहीं दिया. हालांकि अखबार ने ये नहीं बताया है कि यह कब और किस तारीख की बात है. अखबार के दावे पर भारत की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया है.

भारत अपने रुख पर अड़ा

बता दें कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते कुछ महीनों में भारत सहित, कनाडा, यूरोपीय संघ, चीन और मैक्सिको जैसे अपने बड़े व्यापारिक साझेदारों पर कड़े व्यापारिक शुल्क लगाये थे. जिसके बाद भारत को छोड़कर बाकी सभी देशों ने या तो समझौता कर लिया या अपने पैर पीछे खींच लिये, लेकिन भारत अपने रुख पर अड़ा हुआ है.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि, अमेरिकी दबाव का पीएम मोदी पर कोई असर नहीं पड़ा है. नई दिल्ली ने वाशिंगटन डीसी के दबाव के बावजूद आयात शुल्क घटाने या व्यापारिक रियायतें देने से इनकार कर दिया है.

हमेशा से टकराव वाली रही है ट्रंप की शैली

FAZ लिखता है कि ट्रंप की शैली हमेशा से टकराव वाली रही है. वे बातचीत के बजाय धमकी देने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं. अधिकतर देश तो उनके दबाव में आ गए, लेकिन दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला भारत उनके दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि वो अपने घरेलू उद्योगों और किसानों के हितों से समझौता नहीं कर सकते. इसलिए उन्होंने ट्रंप के फोन कॉल का जवाब देने से इनकार कर दिया है.

अमेरिका को है भारत की जरूरत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीति का अमेरिका की पूर्व राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार निक्की हेली ने भी आलोचना की है. निक्की हेली ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि, वो पिछले 4 राष्ट्रपतियों के कठिन परिश्रम पर पानी फेर रहे हैं. वो कहती हैं कि दक्षिण एशिया में भारत चीन को टक्कर देने वाला एकमात्र अमेरिकी मित्र देश है. ट्रंप का हर कदम भारत को अमेरिका से दूर कर रहा है और चीन के करीब लेकर जा रहा है.

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अखबार लिखता है कि, भारत की ना झुकने की रणनीति दक्षिण एशिया में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है. पीएम मोदी को यह पता है कि अमेरिका को चीन का मुकाबला करने के लिए भारत की जरूरत होगी. इसलिए भारत अमेरिकी शर्तें मानने से इनकार कर रहा है.

भारत अब खुद को विकसित देशों के दबाव में आने की रणनीति से बाहर निकल चुका है. वो ना सिर्फ नये आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है, बल्कि एशियाई देशों के साथ मजबूत और संतुलित साझेदारी भी कर रहा है.

– भारत एक्सप्रेस



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