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ईरान के पूर्व राष्ट्रपति को मोसाद ने बनाया अपना एजेंट! इजरायल का क्या था प्लान?

US Israel Iran conflict: एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को अपना एसेट बनाने की कोशिश की.

US Israel Iran conflict: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद अपने साहसी और असामान्य ऑपरेशनों के लिए जानी जाती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोसाद ने ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को अपने ‘एसेट’ यानी एजेंट के रूप में तैयार करने की कोशिश की थी. अहमदीनेजाद वही नेता थे जो इजरायल के अस्तित्व से नफरत करते थे लेकिन मोसाद ने उन्हें ईरान के भविष्य के नेता के रूप में देखने की योजना बनाई.

बुडापेस्ट में गुप्त मुलाकात

कहानी की शुरुआत 2024 में होती है जब हंगरी की एक यूनिवर्सिटी को जलवायु परिवर्तन पर कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का प्रस्ताव दिया गया. इस कॉन्फ्रेंस में अहमदीनेजाद को बुलाने की बात हुई. असल मकसद था कि वे बुडापेस्ट में इजरायली एजेंटों से गुप्त बातचीत कर सकें. यह कदम ईरान और इजरायल की पुरानी दुश्मनी के बीच एक चौंकाने वाला मोड़ था.

अहमदीनेजाद और मोसाद चीफ की मुलाकात

अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के अनुसार अहमदीनेजाद ने 2024 और 2025 में बुडापेस्ट का दौरा किया. इसी दौरान इजरायल के तत्कालीन मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया उनसे व्यक्तिगत रूप से मिले. इसके बाद मोसाद ने CIA को सूचित किया कि वह अहमदीनेजाद के संपर्क में है. इजरायल चाहता था कि सही समय पर उन्हें ईरान का नया नेता बनाया जाए.

गुप्त मदद और फंडिंग

रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल ने अहमदीनेजाद को रहने और यात्रा के लिए गुप्त रूप से पैसे दिए. एजेंट्स उनसे विदेशों में कई बार मिले. यह सब ईरान में सत्ता परिवर्तन की योजना का हिस्सा था.

ऑपरेशन का अंत

फरवरी 2026 में इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया. योजना थी कि अहमदीनेजाद को सुरक्षित जगह ले जाकर सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू की जाए लेकिन यह मिशन असफल रहा.

हमले के बाद बचाव अभियान

28 फरवरी को इजरायल के हवाई हमले में अहमदीनेजाद के कंपाउंड को निशाना बनाया गया. अफरातफरी के बीच मोसाद एजेंट्स उन्हें एक कार में बैठाकर सुरक्षित ठिकाने पर ले गए. हालांकि अहमदीनेजाद इस बचाव अभियान से नाराज थे और उन्हें इजरायल की योजना पर भरोसा नहीं था.

रहस्यमयी हालात

कुछ समय बाद अहमदीनेजाद उस सुरक्षित ठिकाने से निकल गए. उनकी स्थिति लंबे समय तक स्पष्ट नहीं रही. हाल ही में वे अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में थोड़ी देर के लिए दिखाई दिए.

मौजूदा स्थिति

ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अहमदीनेजाद को ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ की इंटेलिजेंस विंग ने हिरासत में लिया है. उन्हें नजरबंद रखा गया है क्योंकि ईरान को इजरायल के साथ उनकी मुलाकातों की जानकारी मिल चुकी है.

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इजरायल का क्या कहना है?

इजरायली अधिकारियों ने इस योजना पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है. मोसाद और अहमदीनेजाद के प्रवक्ता ने भी बयान देने से इनकार कर दिया.

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-भारत एक्सप्रेस



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