प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस में एआई एक्शन समिट का उद्घाटन भाषण देने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मार्सिले पहुंचे. उन्होंने मार्सिले शहर के भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने 1910 में वीर सावरकर के ब्रिटिश हिरासत से भागने के प्रयास को याद किया और उन फ्रांसीसी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनकी प्रत्यर्पण का विरोध किया था.
प्रधानमंत्री मोदी ने औपनिवेशिक शासन के दौरान वीर सावरकर के भागने में उनकी भूमिका के लिए मार्सिले के लोगों को धन्यवाद दिया.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत की स्वतंत्रता की खोज में, यह शहर विशेष महत्व रखता है. यहीं पर महान वीर सावरकर ने साहसी तरीके से भागने का प्रयास किया था. मैं मार्सिले के लोगों और उस समय के फ्रांसीसी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मांग की थी कि उन्हें ब्रिटिश हिरासत में न सौंपा जाए. वीर सावरकर की बहादुरी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी!”
Landed in Marseille. In India’s quest for freedom, this city holds special significance. It was here that the great Veer Savarkar attempted a courageous escape. I also want to thank the people of Marseille and the French activists of that time who demanded that he not be handed…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 11, 2025
बता दें कि मार्सिले भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यह वही जगह है, जहां नासिक षड्यंत्र केस में लंदन में गिरफ्तार किए गए वीर सावरकर ने ब्रिटिश अधिकारियों की गिरफ्त से बचने की कोशिश की थी. ब्रिटिश अधिकारी उन्हें समुद्र मार्ग से भारत ला रहे थे, तभी सावरकर जहाज से कूदकर समुद्र में तैरते हुए फ्रांस के तट पर पहुंच गए. हालांकि, ब्रिटिश अधिकारियों ने तुरंत उन्हें फ्रांसीसी भूमि पर ही पकड़ लिया.
भारत-फ्रांस संबंधों को नई मजबूती
इतिहास को याद करने के साथ-साथ, पीएम मोदी की यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और फ्रांस के संबंधों को और सशक्त बनाना था. उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ अंतर्राष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) परियोजना का दौरा किया. यह दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का प्रतीक है.
प्रधानमंत्री मोदी ने मार्सिले के मजारगुएस युद्ध स्मारक (Mazargues War Cemetery) में भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने दोनों विश्व युद्धों में अपने प्राण न्योछावर किए थे.

पीएम मोदी ने पेरिस में भारत-फ्रांस सीईओ फोरम को संबोधित किया. उन्होंने दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया और नवाचार व आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने भारत और फ्रांस के बीच आपसी विश्वास और साझा मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का समाधान निकाल सकते हैं.
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की. इस शिखर सम्मेलन में विश्व के नेताओं, नीति निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया. इस पहल के जरिए भारत और फ्रांस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अपनी मजबूत साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया.
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-भारत एक्सप्रेस
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