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भारत के इस नटवरलाल ने 64 अमीरों को लगाया 336 करोड़ का चूना, टेलर स्विफ्ट के पति भी फंसे, पैसा पाकिस्तान में डुबोया

Siddharth Jawahar Ponzi Scam: भारतीय मूल के बिजनेसमैन सिद्धार्थ जवाहर ने अमेरिका में पोंजी स्कीम चलाकर 64 निवेशकों से 336 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की.

India's 'Natwarlal' swindled ₹336 crore.

भारत के नटवरलाल ने 336 करोड़ का चूना लगाया

Siddharth Jawahar Ponzi Scam: अमेरिका में भारतीय मूल के बिजनेसमैन सिद्धार्थ जवाहर ने ऐसी पोंजी स्कीम चलाई कि बड़े-बड़े निवेशक उसमें फंस गए. करीब 64 लोगों से उसने 35 मिलियन डॉलर यानी लगभग 336 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की. इस स्कैम का शिकार अमेरिकी पॉप स्टार टेलर स्विफ्ट के पति और मशहूर खिलाड़ी ट्रैविस केल्से भी बने.

कोर्ट ने कितने साल की सजा सुनाई?

मिसौरी ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के यूएस अटॉर्नी ऑफिस के मुताबिक, मंगलवार को कोर्ट ने सिद्धार्थ को 11 साल जेल की सजा सुनाई. साथ ही उसे निवेशकों को 3.13 करोड़ डॉलर लौटाने का आदेश भी दिया गया है.

38 वर्षीय सिद्धार्थ टेक्सास की स्विफ्टआर्क कैपिटल का सह-संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर था. ट्रैविस केल्से भी इस कंपनी में निवेशक थे. कोर्ट के दस्तावेज बताते हैं कि यह धोखाधड़ी साल 2016 से लगातार चल रही थी.

जज का क्या कहना है?

जज जैकरी एम. ब्लूस्टोन ने कहा कि यह फ्रॉड लंबे समय तक चला और इसमें भारी नुकसान हुआ. सिद्धार्थ ने निवेशकों को पैसे लौटाना शुरू नहीं किया, यही वजह उसकी सजा तय करने में अहम रही.

निवेशकों का पैसा कहां गया?

सिद्धार्थ ने ज्यादातर रकम फिलिप मॉरिस पाकिस्तान (PMP) में लगा दी, जो तंबाकू बनाने वाली कंपनी है. जब कंपनी की वैल्यू गिरने लगी तो उसने निवेशकों को सच्चाई नहीं बताई. उल्टा उन्हें भरोसा दिलाया कि मुनाफा हो रहा है. कुछ निवेशकों को उसने यह भी झूठ बताया कि उनका पैसा अलग-अलग जगह लगाया गया है, जबकि असल में ऐसा हुआ ही नहीं.

2016 से 2023 तक आलीशान खर्च

जुलाई 2016 से दिसंबर 2023 के बीच उसने स्विफ्टआर्क से 3.5 करोड़ डॉलर लिए. इसमें से सिर्फ 1 करोड़ डॉलर निवेश किया और बाकी रकम प्राइवेट जेट, लग्जरी होटल, न्यूयॉर्क और टेक्सास में महंगे अपार्टमेंट, ब्रांडेड कपड़े, महंगे खाने और प्राइवेट क्लबों की सदस्यता पर उड़ाई.

तीन मामलों में जुर्म किया कबूल

जनवरी में सिद्धार्थ ने वायर फ्रॉड के तीन मामलों में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था. कोर्ट के रिकॉर्ड बताते हैं कि वह मूल रूप से भारत का रहने वाला है और 2005 से अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था.

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KMOV की रिपोर्ट के अनुसार, मिसौरी से अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्य सैम ग्रेव्स ने एक संघीय जज को पत्र लिखकर सिद्धार्थ की सजा में नरमी बरतने की अपील की थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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