Japan Earthquake
Japan Earthquake: जापान में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रविवार (28 दून) तड़के आए इस भूकंप से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि सुनामी का खतरा नहीं है और अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है. लेकिन सवाल यह है कि जापान में इतने भूकंप क्यों आते हैं.
6.1 तीव्रता का भूकंप आया
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, रविवार सुबह स्थानीय समयानुसार 7:25 बजे इवाते प्रांत के तट के पास 6.1 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 40 किलोमीटर नीचे था. इसके झटके इवाते के अलावा आओमोरी और आसपास के कई इलाकों में भी महसूस किए गए.
जापान भूकंप और सुनामी के लिहाज से दुनिया के सबसे संवेदनशील देशों में माना जाता है. पिछले कुछ दिनों में यहां कई बार धरती कांपी है. इससे पहले गुरुवार को इसी इलाके के पास 7.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. वहीं, शुक्रवार को माउंट फूजी के पास और टोक्यो के पश्चिम में स्थित यामानाशी प्रांत में 5.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. मौसम एजेंसी ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में और भूकंप के झटके महसूस हो सकते हैं.
जापान में क्यों आते हैं इतने भूकंप?
जापान में बार-बार भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह उसकी भौगोलिक स्थिति है (Why Earthquakes Occur in Japan). यह दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है, जहां हर साल औसतन लगभग 1,500 छोटे-बड़े भूकंप दर्ज किए जाते हैं. पृथ्वी की सतह कई टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है, जो लगातार धीमी गति से खिसकती रहती हैं. जापान ऐसे स्थान पर स्थित है, जहां चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटें उनमें प्रशांत, फिलीपीन सागर, यूरेशियन और उत्तर अमेरिकी प्लेट शामिल हैं.
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जब ये विशाल प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक प्लेट दूसरी के नीचे खिसकती है, तो पृथ्वी के भीतर भारी दबाव और ऊर्जा जमा होती रहती है. यह ऊर्जा जब अचानक बाहर निकलती है, तो जमीन में कंपन होता है और भूकंप आता है. इसी वजह से जापान में भूकंप की घटनाएं दुनिया के कई अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक देखने को मिलती हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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