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“रूस-यूक्रेन युद्ध पर सम्मेलन की चुप्पी एक बड़ी चूक…”, आखिर किस बात को लेकर SCO समिट पर नाराज हुआ यूक्रेन

Ukraine Reaction On SCO Summit: कीव ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह अबतक यूरोप में हुई सबसे बड़ी आक्रमकता है. इतने महत्वपूर्ण विषय पर इस सम्मेलन में चर्चा नहीं होना काफी हैरान करने वाला है.

Ukraine Reaction On SCO Summit

चीन के तियानजिन में हाल ही में संपन्न हुई शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र नहीं होने पर जेलेंस्की नाराज हैं. यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस सम्मेलन के मुख्य दस्तावेज तियानजिन घोषणा पत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र नहीं होना बेहद ही निराशाजनक है.

कीव ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह अबतक यूरोप में हुई सबसे बड़ी आक्रमकता है. इतने महत्वपूर्ण विषय पर इस सम्मेलन में चर्चा नहीं होना काफी हैरान करने वाला है. जबकि इस घोषणा पत्र में कई अन्य युद्धों, आतंकवादी हमलों और विश्व के घटनाक्रमों का उल्लेख किया गया है.

रूस पर चुप्पी बड़ी चूक

यूक्रेन ने कहा कि रूस के यूक्रेन पर युद्ध थोपे जाने के संबंध में इस सम्मेलन की चुप्पी एक बड़ी चूक है.

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने SCO सम्मेलन के नेताओं को नसीहत भी दी. उन्होंने कहा कि बिना रूस की आक्रामकता का न्यायसंगत अंत किये, हम वैश्विक विकास, अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा और विश्व के विभिन्न देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के स्थिर विकास की बात नहीं कर सकते.

रूस की चाल नहीं होगी कामयाब

यूक्रेन ने इस बात पर जोर दिया है कि एससीओ समिट के बयान में रूस-यूक्रेन युद्ध का उल्लेख न होना, मास्को के कूटनीतिक प्रयासों की असफलता का परिचायक है. रूस कोशिश कर रहा था कि विश्व को इस युद्ध को लेकर दो हिस्सों में बांट दे.

ताकि यह धारणा बनाई जाए कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाहर के देशों में रूस की आक्रामकता को लेकर सकारात्मक सोच है. लेकिन इस बार रूस की यह चाल कामयाब नहीं हो पाई.

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मास्को अपनी तरफ राय लाने में असफल

यूक्रेन का मानना है कि मास्को अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद एससीओ के सदस्य देशों की राय को एक ऐसी स्थिति में लाने में असफल रहा जो उसके पक्ष में हो. यूक्रेन ने पुनः सभी शांति शांतिप्रिय देशों से अपील की है कि वे रूस की आक्रामकता का आकलन करते समय अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों का पालन करें.

कीव ने चीन की महत्वपूर्ण भूराजनीतिक भूमिका को ध्यान में रखते हुए बीजिंग से आग्रह किया है कि वह यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाए. यह शांति तभी संभव होगी जब सभी पक्ष संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान करें.

– भारत एक्सप्रेस



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