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बजट सत्र में सरकार ला सकती है New Income Tax Bill, बढ़ेगा 20% टैक्स स्लैब का दायरा

New Income Tax Bill का मकसद मौजूदा Income Tax Act, 1961 को आसान, स्पष्ट और समझने योग्य बनाना है. इस नए कानून में पृष्ठों की संख्या में करीब 60% तक की कटौती की जा सकती है.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फाइल फोटो)

Budget 2025: सरकार संसद के आगामी बजट सत्र (Budget Session 2025) में नया आयकर कानून (New Income Tax Bill) पेश कर सकती है. इसका मकसद मौजूदा Income Tax Act, 1961 को आसान, स्पष्ट और समझने योग्य बनाना है. इस नए कानून में पृष्ठों की संख्या में करीब 60% तक की कटौती की जा सकती है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने जुलाई 2024 के बजट भाषण में छह महीने के भीतर 60 साल पुराने आयकर अधिनियम की व्यापक समीक्षा का ऐलान किया था. इस काम की देखरेख के लिए CBDT (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) ने एक आंतरिक समिति बनाई है. इसके लिए कानून के विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के लिए 22 उप-समितियां बनाई गई हैं.

सूत्रों के मुताबिक, नया आयकर कानून संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश किया जा सकता है. यह मौजूदा कानून में सिर्फ संशोधन नहीं होगा, बल्कि एक नया कानून लाया जाएगा. इस समय कानून मंत्रालय (Law Ministry) इसके ड्राफ्ट की समीक्षा कर रहा है.

टैक्सपेयर को मिल सकती है राहत

बीते मंगलवार को जारी किए गए GDP ग्रोथ के सरकारी आंकड़े 6.4% ये RBI द्वारा अनुमानित ग्रोथ दर 6.6% से भी कम है. ये आंकड़ा पिछले चार साल में सबसे कम है. इससे निपटने के लिए सरकार इस बार उम्मीद है की 2025 में टैक्सपेयर्स (Taxpayers) को राहत दे सकती है. सूत्रों की माने तो  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2025 में नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) से जुड़े दो बड़े ऐलान कर सकती हैं. न्यू टैक्स रिजीम में छूट देकर देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की योजना है. साथ ही लोगों के हाथ में ज्यादा पैसे देकर खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने का मकसद है.

क्या बदलाव हो सकते हैं

नए टैक्स सिस्टम को और ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए इसमें छूट के दायरे को बढ़ाया जा सकता है. सूत्रों की मानें तो पहला फायदा स्टैंडर्ड डिडक्शन में दिया जा सकता है. इसके तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard deduction) की मौजूदा लिमिट ₹75,000 है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस लिमिट को बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर सकती है. पिछले बजट में भी सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को 50000 रुपए से बढ़ाकर 75000 रुपए किया था.

अगर यह बदलाव होता है, तो टैक्सपेयर्स को अपनी इनकम से ₹1 लाख तक की राशि को टैक्स फ्री करने का मौका मिलेगा, जो उनकी टैक्सेबल इनकम को घटाएगा. इसका सीधा फायदा कर्मचारी और पेंशनर्स दोनों को मिलेगा. इससे टैक्सपेयर्स के हाथ में ज्यादा पैसा बचने की उम्मीद है.

20 लाख रुपये हो सकता है नया स्लैब

नए टैक्स सिस्टम से दूसरा फायदा 15-20 लाख रुपए के टैक्स स्लैब वालों को मिल सकता है. सरकार नए सिस्टम में 20% के टैक्स स्लैब का दायरा बढ़ा सकती है. सूत्रों की मानें तो अभी तक 12-15 लाख रुपए की इनकम वालों पर 20% टैक्स लगता था. लेकिन, अब इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए की इनकम तक किया जा सकता है. यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, जिनकी आय 15-20 लाख रुपए के बीच है. इस बदलाव से मध्यम और उच्च आय वर्ग के टैक्सपेयर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि उन्हें पहले की तुलना में कम टैक्स देना होगा.

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय की तरफ से इस पर एक रिपोर्ट सौंपी गई है. रिपोर्ट में हवाला दिया गया है कि पुरानी टैक्स नीति को विड्रॉ करने के लिए न्यू टैक्स सिस्टम को ज्यादा आकर्षक बनाना जरूरी है. इसलिए मौजूदा टैक्स छूट के दायरे को बढ़ाना होगा.

न्यू टैक्स सिस्टम में फिलहाल 7 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री है और स्टैंडर्ड डिडक्शन की छूट मिलती है. इसके अलावा और किसी तरह की छूट का अभी तक कोई प्रावधान नहीं है. सरकार का फोकस वित्तीय घाटे को नियंत्रण में रखने पर होगा. मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए वित्तीय घाटे का लक्ष्य 4.9% है, जिसे 2026 तक 4.5% से कम करने का लक्ष्य है.


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-भारत एक्सप्रेस



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