दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राजधानी की यातायात प्रबंधन योजनाओं के कार्यान्वयन में नगर निगम या स्थानीय निकायों को अपना पूरा सहयोग दे. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय एवं जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि जहां भी ऐसी योजनाएं लागू की जा रही है और निकाय/स्थानीय प्राधिकरण स्थानीय पुलिस या स्थानीय यातायात पुलिस से कोई सहयोग या सुरक्षा मांगता है तो संबंधित पुलिस अधिकारी यातायात प्रबंधन योजनाओं को लागू करने में सहयोग देने को कहा है.
कोर्ट ने कहा दिल्ली सरकार से इसपर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. कोर्ट 30 अप्रैल को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. अदालत ने यह निर्देश दिल्ली में अव्यवस्थित पार्किंग के मुद्दे को उजागर करने वाले अमल शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है. दिल्ली नगर निगम ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर कहा था कि उसने 17 साइटों के लिए पार्किंग क्षेत्र प्रबंधन योजनाएं बनाई है. उसमें से दो को लागू भी किया जा रहा है.
एनडीएमसी की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह अपने क्षेत्रों में आने वाले कुछ साइटों पर पार्किंग क्षेत्र प्रबंधन योजनाओं की तैयारी शुरू की गई है. उसे जल्दी ही अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है. वही एमसीडी की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा कि योजना तैयार होने के बाद भी आम जनता के विरोध के कारण पार्किंग स्थलों पर ऐसी योजनाओं का कार्यान्वयन मुश्किल भो जाता है. इसको लेकर यातायातविभाग को संवेदनशील बनाने की जरूरत है. कोर्ट ने एमसीडी की स्थिति रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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