Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

भारतीय रेलवे ने तोड़ा माल ढुलाई और राजस्व का रिकॉर्ड, लगातार चौथे साल बड़ी उपलब्धि

भारतीय रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1.61 अरब टन माल ढुलाई के साथ नया रिकॉर्ड बनाया और कुल राजस्व 2.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि यात्री किराए से आय लक्ष्य से पीछे रही.

india railways train

भारतीय रेल. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Indian Railways: भारतीय रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025 में लगातार चौथे वर्ष माल ढुलाई और राजस्व के अपने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. इस बारे में जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने यह बताया. इस वर्ष माल ढुलाई 1.61 अरब टन के पार पहुंच गई, जिससे भारत का रेलवे नेटवर्क वार्षिक माल परिवहन के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है. इस मामले में चीन अब भी भारत से आगे है.

31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में रेलवे का पूंजीगत व्यय 2.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो बजट अनुमान से थोड़ा अधिक है. भारतीय रेलवे का कुल राजस्व वित्तीय वर्ष 2025 में 2.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे यह लगातार तीसरा वर्ष रहा जब रेलवे घाटे से बाहर रहा.

यात्री किराए से बढ़ी आय, लेकिन लक्ष्य से पीछे

रेलवे की यात्री किराए से आय बढ़कर 75,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में 70,693 करोड़ रुपये थी. हालांकि, यह अभी भी बजट में तय किए गए 80,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य से कम है. रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों की यात्रा के बावजूद, कुंभ मेले से हुए अतिरिक्त यात्री भार के बाद भी यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका.

कोयले की ढुलाई में बढ़ोतरी से बिजली उत्पादन को फायदा

कोयला रेलवे के माल ढुलाई का सबसे बड़ा हिस्सा बना रहा. इस वर्ष रेलवे ने 817 मिलियन टन कोयले की ढुलाई की, जो पिछले साल 781 मिलियन टन थी. इससे बिजली संयंत्रों में कोयले की उपलब्धता बेहतर हुई. वित्तीय वर्ष के अंत तक बिजली संयंत्रों में कोयले का स्टॉक 57 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो पिछले साल 50 मिलियन टन था.

  • कंटेनर और पार्सल परिवहन में उछाल
  • कंटेनर परिवहन में 10% की वृद्धि हुई और यह 37.95 मिलियन टन तक पहुंच गया.
  • रेलवे ने इस वर्ष 5,98,000 रेक लोड किए, जो पिछले साल की तुलना में 8% अधिक है.
  • पार्सल ढुलाई में 29% की वृद्धि हुई और यह 1.3 मिलियन टन तक पहुंच गई.
  • रेलवे ने 44 मिलियन पार्सल की ढुलाई की, जो पिछले साल 31 मिलियन थी.

अन्य स्रोतों से कमाई में भी इजाफा

रेलवे ने किराया और माल ढुलाई के अलावा अन्य स्रोतों से भी अच्छी कमाई की.
पुराने कबाड़ की बिक्री से रेलवे ने 6,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय अर्जित की.

रेलवे का लक्ष्य – किफायती और भरोसेमंद सेवा

एक अधिकारी ने कहा, “रेलवे को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह देश के लिए सबसे किफायती और भरोसेमंद परिवहन साधन बना रहे.” इस साल के आंकड़े दिखाते हैं कि रेलवे अपनी आय के नए स्रोत विकसित करने में भी सफल हो रहा है.

ये भी पढ़ें: शशि थरूर ने मोदी सरकार की ‘वैक्सीन डिप्लोमेसी’ की तारीफ की, कहा–भारत ने 100 से ज्यादा देशों को मदद देकर दिखाया वैश्विक नेतृत्व

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital