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6 कथित पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

सुप्रीम कोर्ट ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद निर्वासित किए जा रहे छह कथित पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी पर फिलहाल अंतरिम रोक लगाई है और उनके दस्तावेजों की जांच के आदेश दिए हैं.

Supreme Court
Edited by Akansha

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद निर्वासित किए जा रहे है, 6 कथित पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम रोक लगा दिया है. कोर्ट ने संबंधित ऑथोरिटी को याचिकाकर्ताओं के पास मौजूद सभी दस्तवेजों को जांचने का आदेश दिया है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है.

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर किसी तरह की कार्रवाई पर लगाया रोक

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर किसी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दिया है. सभी याचिकाकर्ता अभी हिरासत में है. जस्टिस कांत ने कहा कि आप हाईकोर्ट में क्यों नहीं गए. वही एकमात्र प्राधिकार है, जो सही तथ्यों का पता लगा सकता है. सभी मुद्दे वहीं उठते हैं. हाईकोर्ट ने कुछ लोगों को राहत भी दी है. हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते? एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि अधिकारियों से संपर्क करें, यही बेहतर तरीका होगा.

याचिकाकर्ता के पूरे परिवार को किया गिरफ्तार

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा, लेकिन पूरे परिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है. जस्टिस कांत ने कहा कि उनका जन्म मीरपुर, पाकिस्तान में हुआ था. भारत कब आए. वकील ने कहा कि 1987 में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा , लेकिन आप कैसे आए. वकील ने कहा कि मुझे याचिकाकर्ता से निर्देश लेने दीजिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये बुनियादी बातें हैं. आपको पता होना चाहिए. याचिका में दावा किया गया है कि उनका परिवार भारतीय निवासी है,और उनके पास भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज मौजूद है.

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याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कही ये बात

पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि उन परिजनों को तत्काल निष्कासित किया जा रहा है. जिसपर जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से इसी तरह के एक मामले में जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को पढ़ने को कहा था.

याचिकाकर्ता ने छठी कक्षा तक की पढ़ाई

याचिकाकर्ता की माने तो वह और उनका परिवार साल 1997 तक मीरपुर के निवासी थे. याचिकाकर्ता ने छठी कक्षा तक मीरपुर में पढ़ाई की है. इसके बाद साल 2000 में श्री नगर चले गए और 2009 तक वह श्रीनगर में रहे. उनके भाई बहनों की शिक्षा श्रीनगर के एक निजी स्कूल में हुई है.

-भारत एक्सप्रेस 



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