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मानहानि मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से मामूली राहत, केस बंद करने का दिया आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्रई के खिलाफ दायर मानहानि याचिका का निपटारा कर दिया है. महुआ मोइत्रा ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से मानहानिकारक पोस्ट किए जाने के खिलाफ नई अर्जी दायर की थी.

Mahua Moitra

दिल्ली हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्रई के खिलाफ दायर मानहानि याचिका का निपटारा कर दिया है. महुआ मोइत्रा ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से मानहानिकारक पोस्ट किए जाने के खिलाफ नई अर्जी दायर की थी.

जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा को दुबे की ओर से पेश वकील ने बताया कि फेसबुक पर की गई विवादित टिप्पणी को हटा लिया गया है. जिसके बाद कोर्ट ने केस को बंद करने का आदेश दिया. हालांकि 2023 में दायर मानहानि याचिका पर कोर्ट 17 जुलाई को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने निशिकांत दुबे के वकील से पूछा था क्या इस बीच उनकी पोस्ट को निष्क्रिय किया जा सकता है? दुबे के वकील ने यह भी कहा था कि महुआ मोइत्रा अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दुबे को लगातार “पिटबुल” कह रही हैं, जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है.

दुबे ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि सीबीआई ने महुआ मोइत्रा के कथित विदेशी अकाउंट्स और खर्चो के संबंध में लोकपाल के समक्ष मामला दर्ज किया और उन्हें हाल ही में इस संबंध में एक पत्र मिला है. निशिकांत दुबे की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिमन्यु भंडारी उपस्थित हुए और बताया था कि फेसबुक पोस्ट लोकपाल के फैसले पर आधारित हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि दुबे को लोकपाल या किसी अन्य संस्था से कोई नया पत्र नहीं मिला.

कैश फॉर क्वेरी मामले में चली गई थी सांसदी

कैश फॉर क्वेरी केस में महुआ मोइत्रा की 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी. भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पैसे लेकर सवाल पूछे थे. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत करने के बाद एथिक्स कमेटी बनाई गई थी. कमेटी ने महुआ मोइत्रा को दोषी माना. जिसके बाद उनकी सांसदी छिन गई थी.

महुआ मोइत्रा ने निशिकांत दुबे पर मानहानि का केस भी दायर किया था. मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि निशिकांत दुबे और सुप्रीम कोर्ट के वकील वकील जय अनंत दहाद्राई ने कैश फॉर क्वेरी केस के जरिए उनकी छवि को धूमिल किया है.


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-भारत एक्सप्रेस

 



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