Bharat Express DD Free Dish

श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संशोधन की मांग, याचिका दाखिल

वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संशोधन की मांग करते हुए याचिका दायर की गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि उनका पक्ष सुने बिना निर्णय लिया गया.

Banke Bihari Temple

वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर सुप्रीम कोर्ट दिए गए फैसले में संशोधन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. यह याचिका देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने दायर की है. सीजेआई की अध्यक्षता ने याचिकककर्ता को भरोसा दिया है कि अगले सप्ताह अवकाशकालीन बेंच.मामले में सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को श्री बांके बिहारी मंदिर के आसपास की एकड़ भूमि अधिग्रहण करने में मंदिर की जमा धनराशि का उपयोग करने की अनुमति दे दिया था.

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एकतरफा फैसला दिया है. फैसला देने से पहले उनका पक्ष नही सुना गया. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा में वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के आसपास कॉरिडोर के निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए मंदिर की निधियों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी थी. जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और न्यायमूर्ति एस. सी. शर्मा की पीठ ने यह आदेश दिया था.

कोर्ट ने कहा था कि जो भूमि खरीदी जाएगी वह मंदिर ट्रस्ट के नाम पर पंजीकृत होगी. मंदिर के सिविल जज को कोर्ट ने निर्देश दिया था कि वह मंदिर प्रबंधन के लिए एक ऐसे रिसीवर की नियुक्ति करें, जो वैष्णव संप्रदाय से जुड़ा हो. धार्मिक और वेदों का गहन ज्ञान रखता हो.

मंदिर प्रबंधन में सरकारी हस्तक्षेप से इनकार

कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया था कि मंदिर के आंतरिक प्रबंधन में जिला प्रशासन या किसी भी सरकार एजेंसी का हस्तक्षेप नही होगा. कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में संशोधन करते हुए गलियारे के लिए राज्य सरकार की 500 करोड़ रुपये की विकास योजना का अध्ययन करने के बाद बांके बिहारी जी मंदिर के आसपास की भूमि खरीदने पर रोक लगा दिया था.

इसके अलावा कोर्ट ने कहा था कि मथुरा और वृंदावन, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व में डूबे हुए है, हर साल लाखों तीर्थ यात्रियों को आकर्षित करते हैं, इसलिए इस आमद का समायोजित करने के लिए, चौड़ी सड़कों, पार्किंग, धर्मशालाओं, अस्पतालों और सार्वजनिक सुविधाओं जैसे बेहतर बुनियादी ढांचे की तत्काल जरूरत है. वृंदावन में वर्तमान बांकेबिहारी मंदिर की 5.65 एकड़ परिधि में ठाकुर श्री बांकेबिहारी कॉरिडोर बनना प्रस्तावित है.

कॉरिडोर तैयार होने के दौरान भक्तों की समस्याओं के मुद्दे पर कोर्ट ने कहा था कि हम यह स्पष्ट करते हैं कि योजना के कार्यान्वयन को छोड़कर भक्तों के दर्शन में किसी भी तरह से बाधा नही डाली जाएगी. दरअसल 2022 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंगला आरती के दौरान भीड़ के भगदड़ में फंसकर दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कई की घायल हो गए थे. तब सरकार ने पांच एकड़ भूमि गलियारा बनाने का प्रस्ताव दिया था.

ये भी पढ़ें: ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ ने बदला ओरछा और पुखरायां स्टेशन का स्वरूप, पीएम मोदी 22 मई को करेंगे उद्घाटन

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read