भारत में लक्जरी कारों की बढ़ती मांग को देखते हुए जगुआर लैंड रोवर (JLR) अगले 3-4 वर्षों में अपने कारोबार को दोगुना करने की योजना बना रही है. कंपनी भारत में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को विस्तार देने और बिक्री नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है. JLR इंडिया के प्रबंध निदेशक राजन अंबा ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य भारत को अपने वैश्विक टॉप 10 बाजारों में शामिल करना है.
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में अंबा ने कहा कि भारत में विशिष्ट और पर्सनलाइज्ड कार मॉडलों की मांग काफी ज्यादा है, और यही मांग कंपनी को ऐसे उत्पाद पेश करने के लिए प्रेरित कर रही है. उन्होंने बताया कि बीते कुछ वर्षों में JLR इंडिया की ग्रोथ दर घरेलू लक्जरी कार इंडस्ट्री से बेहतर रही है, और आने वाले समय में यह रफ्तार और बढ़ सकती है.
“हम अभी भी अपनी पूरी क्षमता पर काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद डिमांड को पूरा कर पा रहे हैं. इससे साफ है कि बाजार में हमारी गाड़ियों के लिए एक मजबूत जगह बनी हुई है,” अंबा ने कहा.
FY25 में JLR इंडिया ने अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें 6,183 यूनिट्स की रिटेल बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 40% की वृद्धि है. वहीं डीलरों को की गई डिलीवरी 39% बढ़कर 6,266 यूनिट्स रही.
राजन अंबा ने यह भी बताया कि कंपनी आने वाले वर्षों में अपने उत्पादों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ देशभर में अपने बिक्री केंद्रों की संख्या को भी दोगुना करने की योजना बना रही है. उन्होंने कहा, “हम 2030 तक अपने आउटलेट्स की संख्या बढ़ाकर करीब 50 करना चाहते हैं. इसमें राजकोट, गोवा और नागपुर जैसे शहर शामिल होंगे.”
इस समय JLR की बिक्री नेटवर्क 21 शहरों में फैली हुई है, जिसमें कुल 25 अधिकृत डीलरशिप हैं. कंपनी ‘हेलो’ मॉडल्स के जरिए ब्रांड की आकांक्षा बढ़ाने पर भी काम कर रही है.
JLR आने वाले समय में अपने मौजूदा मॉडल्स की नई रेंज लॉन्च करने के साथ-साथ ग्राहकों को और अधिक पर्सनलाइजेशन के विकल्प देने की योजना बना रही है. कंपनी का ध्यान भविष्य में बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) और इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) दोनों पर होगा.
कंपनी भारत में Range Rover BEV सहित कई नए मॉडल्स लॉन्च करने की तैयारी में है. फिलहाल JLR भारत में Range Rover, Range Rover Sport, Velar, Evoque, Defender, Discovery और Discovery Sport जैसे मॉडल्स बेचती है.
इस साल की शुरुआत में कंपनी ने Range Rover और Range Rover Sport की लोकल मैन्युफैक्चरिंग की घोषणा की थी, जिसे ग्राहकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली.
जब भारत में लक्जरी कार बाजार के संभावित विस्तार पर सवाल किया गया, तो अंबा ने कहा कि फिलहाल यह बाजार 40 लाख सालाना पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट के मुकाबले काफी छोटा है, लेकिन इसमें जबरदस्त संभावनाएं हैं.
“आने वाले 4-5 सालों में यह 50,000 यूनिट्स का बाजार दोगुना हो सकता है. भारत में लगातार धन सृजन हो रहा है, स्टार्टअप्स और एंटरप्रेन्योरशिप बढ़ रही है, और ‘मेक इन इंडिया’ तथा लोकलाइजेशन से भी बाजार को मजबूती मिल रही है,” उन्होंने कहा.
अंबा ने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में JLR इंडिया को इस ग्रोथ का फायदा मिला है, और कंपनी को उम्मीद है कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा.
वहीं FY25 में JLR का कुल वैश्विक राजस्व 29 बिलियन पाउंड पर स्थिर रहा, जबकि चौथी तिमाही में इसका राजस्व 1.7% घटकर 7.7 बिलियन पाउंड पर आ गया. अप्रैल 2025 में कंपनी ने अमेरिका द्वारा लगाए गए नए ऑटोमोबाइल टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ त्वरित कदम भी उठाए.
JLR ने अगले पांच वर्षों में 18 बिलियन पाउंड के निवेश की योजना बनाई है, जो ऑपरेशनल कैश फ्लो से वित्तपोषित किया जाएगा. कंपनी Jaguar, Range Rover, Discovery और Defender — इन चार ब्रांडों के लिए अलग-अलग विकास रणनीतियों पर काम कर रही है, ताकि हर सेगमेंट के ग्राहकों को टार्गेट किया जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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