साइबर फ्रॉड रोकने के लिए RBI ने उठाया बड़ा कदम
एक व्यक्ति की बैंक खाते से हुई धोखाधड़ी के मामले में दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने आरबीआई, लोकपाल और एचडीएफसी बैंक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने 74.61 लाख रुपये धोखाधड़ी से संबंधित मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद नोटिस जारी किया है. कोर्ट 29 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
याचिकाकर्ता मनमोहन कुमार ने दायर याचिका में दावा किया है कि उनके एचडीएफसी बैंक खाते से 74 लाख 61 हजार 990 रुपए की राशि धोखाधड़ी से निकासी कर ली गई है. यह घटना 20 दिसंबर से 23 दिसंबर 2024 के बीच की है.
मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बिना जानकारी बदले
वहीं याचिकाकर्ता के मुताबिक वह एचडीएफसी बैंक की मॉडल टाउन शाखा में खाता विवरण लेने गए, तो उन्हें पता चला कि उनके खाते से जुड़ा पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बिना उसकी जानकारी के बदल दिया गया था. इसके अलावा उनकी सहमति के बिना उनके नाम पर एक वर्चुअल डेबिट कार्ड भी बनाया गया था.
याचिकाकर्ता के अनुसार एचडीएफसी बैंक ने शुरू में धोखाधड़ी वाले लेनदेन को उलट दिया और राशि को उनके खाते में वापस जमा कर दिया. लेकिन 4 फरवरी 2025 को बैंक ने वही राशि फिर से खाते से काट लिया, जिसके चलते खाते में 69,69,134.21 की नेगेटिव बैलेंस हो गई.
बैंक ने इस लेनदेन को ओटीपी द्वारा सत्यापित बताया और दावा किया कि कोई धोखाधड़ी नही हुई थी. जिसके बाद मामला लोकपाल के पास पहुचा और लोकपाल ने बैंक के हक में फैसला देते हुए पीड़ित को राहत देने से इनकार कर दिया. उसके बाद लोकपाल के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने जवाब मांगा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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