प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर में मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने की शिकायत पर कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) को आदेश दिया है कि दोनों पक्षों की सुनवाई कर छह सप्ताह के भीतर निर्णय दें. यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की बेंच ने दिया. मामला श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल कुमार शर्मा की याचिका से जुड़ा है.
याचिका में क्या कहा गया?
याचिकाकर्ता का कहना है कि मंदिर परिसर में किसी भी खाद्य पदार्थ की बिक्री, वितरण और प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगना चाहिए. उन्होंने बताया कि एक दुकानदार, अशोक राघव, का लाइसेंस मिलावट के आरोप में निलंबित किया गया था.
लाइसेंस बहाली पर आपत्ति
याचिकाकर्ता के अनुसार, 21 अगस्त 2024 को सहायक आयुक्त (खाद्य) ने आदेश पारित कर लाइसेंस बहाल कर दिया. इस पर आपत्ति जताते हुए लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द करने की मांग की गई है. कोर्ट ने सुनवाई के बाद याची के नए सिरे से ऑर्डर की कॉपी के साथ दो सप्ताह में प्रत्यावेदन देने का निर्देश दिया. साथ ही सहायक आयुक्त को याची और आरोपी दुकानदार को सुनाई का उचित मौका देते हुए 6 सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन पर फैसला लेने का निर्देश दिया है.
Also Follow Bharat Express on Facebook
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




