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पश्चिम बंगाल एसआईआर के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 11 नवंबर को करेगा सुनवाई

पश्चिम बंगाल एसआईआर के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 11 नवंबर को सुनवाई करेगा. यह याचिका पश्चिम बंगाल कांग्रेस समिति की ओर से दायर की गई है.

Supreme Court
Edited by Vaibhav Gupta

पश्चिम बंगाल एसआईआर के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 11 नवंबर को सुनवाई करेगा. यह याचिका पश्चिम बंगाल कांग्रेस समिति की ओर से दायर की गई है. पश्चिम बंगाल कांग्रेस समिति ने जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मेंशन कर जल्द सुनवाई की गुहार लगाते हुए कहा कि बिहार एसआईआर मामले की सुनवाई 11 नवंबर के लिए सूचीबद्ध है, लिहाजा उसी के साथ सुनवाई कर ली जाए, जिसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सीजेआई को तय करना है कि पश्चिम बंगाल मामले में भी सुनवाई हमें करनी है या नहीं.

पश्चिम बंगाल में लगातार हो रहा विरोध

इसपर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से पहले से ही एसआईआर से संबंधित याचिका लंबित हैं, जिनकी सुनवाई 11 नवंबर को होनी है. देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का रिवीजन एसआईआर चार नवंबर से शुरू हो चुका है. जिसका पश्चिम बंगाल में लगातार विरोध हो रहा है. उसके बावजूद बूथ लेवल अधिकारियों ने 3.04 करोड़ से ज्यादा फॉर्म बांट दिए हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि जब तक राज्य हर नागरिक एसआईआर का फार्म नहीं भरता, वो खुद भी नहीं भरेंगी.

तृणमूल कांग्रेस में डर का माहौल

दूसरी ओर भाजपा का दावा है कि मतदाता सूची से लाखों फर्जी नाम कटने और अपना अल्पसंख्यक वोट बैंक बिखरने की आशंका से तृणमूल कांग्रेस डरी हुई हैं. इससे पहले डीएमके ने तमिलनाडु में चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया शुरू करने के फैसले की चुनौती दी हैं. यह याचिका डीएमके के संगठन सचिव आर एस भारती ने दायर की है.

एसआईआर प्रक्रिया से हो रहा संविधान का उल्लंघन

दायर याचिका पर चुनाव आयोग की 27 अक्टूबर की अधिसूचना को असंवैधानिक मनमाना और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताते हुए रद्द करने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि एसआईआर प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 (समानता का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जीवन का अधिकार) का उल्लंघन करती हैं. डीएमके का आरोप है कि यह प्रक्रिया लाखों वास्तविक मतदाताओं को मनमाने ढंग से मतदाता सूची से बाहर करने का कारण बन सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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