Russia Ukraine war: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को बेहद जटिल करार दिया. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष की जड़ें पुरानी समस्याओं में हैं, जिनके चलते महीनों से बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है. ट्रंप ने साफ कहा कि यह युद्ध उनकी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जो बाइडेन की सरकार का युद्ध है. उन्होंने इसे ऐसा संघर्ष बताया जो कभी होना ही नहीं चाहिए था.
सीमाओं और जमीन पर विवाद
ट्रंप ने कहा कि जमीन और सीमाओं को लेकर विवाद ही इस लड़ाई को लंबा खींच रहे हैं. यही वजह है कि यह तय करना मुश्किल हो गया है कि युद्ध का अंत कहां होगा. उन्होंने दावा किया कि कई अन्य अंतरराष्ट्रीय विवाद उन्होंने कुछ ही दिनों में सुलझा दिए थे, लेकिन यह मामला लगातार खिंचता जा रहा है.
पुतिन और जेलेंस्की समझौते के लिए इच्छुक
ट्रंप ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की दोनों ही समझौते के लिए इच्छुक दिख रहे हैं. हालांकि उन्होंने किसी बड़ी सफलता की भविष्यवाणी नहीं की. ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की उनसे मिले थे और उन्होंने भी समझौते की इच्छा जताई थी. बातचीत के मुद्दे नए नहीं हैं, बल्कि महीनों से इन्हीं पर चर्चा हो रही है.
यूक्रेन की कठिन परिस्थितियां
ट्रंप ने यूक्रेन की स्थिति को बेहद कठिन बताया. उन्होंने कहा कि सर्दियों में लोग बिना हीटर के रह रहे हैं, जो बेहद कठोर हालात हैं और आम नागरिकों के लिए बड़ी चुनौती है.
ग्रीनलैंड पर समझौते की बात
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार किसी ढांचे वाले समझौते पर काम कर रही है और अगले दो हफ्तों में स्थिति साफ हो सकती है. उन्होंने कहा कि सकारात्मक माहौल बना हुआ है और कुछ अच्छा होने की उम्मीद है.
अमेरिकी सेना और ताकत
ट्रंप ने अमेरिका की सैन्य शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि देश के पास मजबूत सेना और आधुनिक हथियार मौजूद हैं. उन्होंने इसे अमेरिका की ताकत और सुरक्षा का आधार बताया.
वेनेजुएला पर विचार
वेनेजुएला को लेकर ट्रंप ने वहां के नेतृत्व की सराहना की. उन्होंने कहा कि वहां से बड़ी मात्रा में तेल अमेरिका आ रहा है, जिससे दोनों देशों को फायदा होगा. अमेरिका और अधिक समृद्ध होगा और वेनेजुएला की स्थिति भी बेहतर होगी.
ईरान पर बयान
ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने बड़ी सैन्य तैयारियां की हैं, लेकिन उनका उद्देश्य टकराव से बचना है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने बड़े पैमाने पर होने वाली फांसी को रुकवाया था. साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों को पहले ही नष्ट कर दिया गया था.
शांति प्रयासों में भूमिका
ट्रंप ने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद संभावित भूमिका पर भी बात की. उन्होंने कहा कि वह शांति प्रयासों में शामिल रह सकते हैं. उन्होंने शांति बोर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम किया जा सकता है.
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घरेलू नीति पर विचार
घरेलू नीति पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि वे घर खरीदने के लिए रिटायरमेंट फंड से पैसे निकालने के पक्ष में नहीं हैं. उनका मानना है कि रिटायरमेंट फंड अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और इन्हें सुरक्षित रखना चाहिए.
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