US Winter Storm: दुनिया भर में सुपरपावर के नाम से पहचान बना चुके अमेरिका की रफ्तार पर कुदरत ने ब्रेक लगा दिया है. एक तरफ हाड़ कंपा देने वाली ठंड है तो वहीं दूसरी तरफ आसमान से बरसती सफेद आपत यानी बर्फ ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया है. हालात कुछ ऐसे हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आनन-फानन में 17 राज्यों में आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी. कुदरत का ये कहर इस बात का सबूत है कि अमेरिका इस समय पिछले कई दशकों में आए सबसे खतरनाक और भीषण बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है.
आसमान में लगा जाम, जमीन पर कोहराम
देश में छाए इस विंटर स्टॉर्म का सबसे ज्या असर अमेरिका के हवाई सफर पर पड़ता दिखाी दे रहा है. एक वेबसाइट के मुताबिक शनिवार और रविवार को कुल 13,000 से ज्यादा उड़ाने रद्द की जा चुकी हैं. इसी वजह से हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हैं और कई शहरों के रनवे ही बर्फ की चादर से ढक गए हैं. ओक्लाहोमा सिटी जैसे बड़े शहरों के इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स ने तो पूरी तरह सरेंडर कर दिया है, वहां से न तो कोई फ्लाइट उड़ पा रही है और न ही लैंड कर रही है.
अंधेरे में डूबे लाखों घर
तूफान की तेजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टेक्सास से लेकर लुइसियाना तक बिजली का ग्रिड फेल हो गया है. करीब 1,20,000 घरों की बिजली गुल है. टेक्सास के कई इलाकों में भारी बर्फबारी की वजह से विशालकाय पेड़ टूटकर बिजली की लाइनों पर गिर गए हैं, जिससे पूरा का पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है.
कड़ाके की ठंड में बिना हीटर के रहना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. प्रशासन ने लोगों से साफ कह दिया है कि अगर जिंदा रहना है, तो घरों के अंदर ही रहें और बाहर निकलने की हिमाकत न करें.
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ट्रंप का ‘इमरजेंसी एक्शन’, राहत कार्य जारी
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 17 राज्यों में आपातकाल लगाए जाने के बाद अब फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) ने कमान संभाल ली है. गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम खुद इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रही हैं. आपदा राहत टीमों को मैदान में उतार दिया गया है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राहत इतनी जल्दी नहीं मिलने वाली.
राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) ने चेतावनी दी है कि बर्फ बहुत धीरे-धीरे पिघलेगी, जिसका मतलब है कि सड़कों से बर्फ हटाने और बिजली सप्लाई बहाल करने में कई दिन लग सकते हैं. फिलहाल, अमेरिका की 40 फीसदी आबादी यानी लगभग 14 करोड़ लोग इस बर्फीले ‘लॉकडाउन’ में कैद हैं और कुदरत के इस कहर के शांत होने का इंतजार कर रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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