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महाकाल की नगरी में छपी अनोखी शादी की पत्रिका, देवताओं के नाम बने ‘रिश्तेदार’

मध्यप्रदेश के उज्जैन में भगवान शिव और माता पार्वती की शादी महाशिवरात्रि पर कराई गई थी. जिसके बाद 26 फरवरी को रिसेप्सन के आयोजन के लिए भव्य तैयारियां चल रही है. लोगों को भोज पर आमंत्रित करने के लिए पत्रिकाएं छपवाई जा रही है.

Mahakal baraat February 26

मनोज भटनागर/उज्जैन: मध्यप्रदेश के उज्जैन में भगवान शिव की शादी के बाद अब 26 फरवरी को रिसेप्सन के आयोजन के लिए भव्य तैयारियां चल रही है. शिव पार्वती के विवाह भोज के लिए अनूठी पत्रिका छपवाई गई है. पत्रिका में शिव परिवार सदस्यों के नाम आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है. बताया जा रहा है कि लगभग 25 हजार से भी अधिक लोग भोज में शामिल होंगे. चलिए जानते है पूरा मामल:

महाशिवरात्रि से जुड़ी परंपरा

धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसी उपलक्ष्य में बाबा महाकाल की नगरी Ujjain में हर वर्ष परंपरा अनुसार भगवान शिव के विवाह का भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाता है. यह आयोजन महाशिवरात्रि के बाद विशेष रूप से किया जाता है और इसे लेकर शहरभर में उत्साह का माहौल रहता है.

26 फरवरी को नगर भोज का आयोजन

इस वर्ष 26 फरवरी को विवाह रिसेप्शन और नगर भोज का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. रिसेप्शन से पहले बाबा महाकाल की भव्य बारात निकाली जाएगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी. बारात में श्रद्धालु नाचते-गाते हुए ‘हर हर भोले’ के जयकारे लगाते हैं.

अनूठी पत्रिका बनी आकर्षण का केंद्र

इस आयोजन की सबसे खास बात है शिव-पार्वती विवाह की अनूठी पत्रिका. आम शादियों की तरह छपवाई गई इस पत्रिका में वर के स्थान पर भगवान महाकाल और वधु के स्थान पर माता पार्वती का नाम अंकित है. विशेष बात यह है कि पत्रिका में भगवान गणेश, कार्तिकेय, रिद्धि-सिद्धि सहित अन्य देवी-देवताओं के नाम रिश्तेदारों के रूप में लिखे गए हैं. बिल्कुल उसी तरह जैसे सामान्य शादी पत्रिकाओं में परिवार के लोगों के नाम लिखे होते हैं. यह पत्रिका पीले चावल के साथ घर-घर वितरित की जा रही है.

हजारों लोगों के लिए भव्य भोज

रिसेप्शन पूरी तरह पारंपरिक विवाह की तर्ज पर आयोजित किया जाता है. इसमें गणपति पूजन, शुभ लग्न, हल्दी-मेहंदी और महिला संगीत जैसे कार्यक्रम भी होंगे, जिनका उल्लेख पत्रिका में किया गया है. आयोजन की तैयारियां भव्य स्तर पर की जा रही हैं. नगर भोज में हजारों श्रद्धालुओं के लिए विशेष भोजन व्यवस्था की जाती है. कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं और पूरे शहर को आमंत्रित किया जाता है.

उज्जैन की अनोखी परंपरा

इस बारात की अनोखी बात यह है कि इसमें भोले बाबा के प्रिय गणों – भुत , पिशाच , डाकिनी व नंदिगन सभी को देखने का मौका मिलता है. यह दृश्य इतना अद्भुत होता है कि नगर के लोग भी सड़कों पर आ जाते है और ढोल-नगाड़ों के साथ बारात में शामिल होते हैं. यह आयोजन श्री महाकाल शायण आरती भक्त परिवार द्वारा वर्षों से किया जा रहा है. उज्जैन में मनाया जाने वाला यह कार्यक्रम एक बड़े त्योहार का रूप ले चुका है और पूरे देश में इस तरह का आयोजन कहीं और नहीं देखने को मिलता.

शिव-पार्वती विवाह का यह अनूठा रिसेप्शन- आस्था, परंपरा और उत्सव का अद्भुत संगम है, जो हर वर्ष श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Edited By: Shubhra Rai (Intern)



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