पटियाला हाउस कोर्ट ने दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने यह नोटिस मंधिरा कपूर द्वारा प्रिया कपूर से दस्तावेज पेश करने की मांग वाली याचिका पर यह नोटिस जारी किया है. मंधिरा कपूर कोर्ट के नोटिस के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुई.
बहस करने का अधिकार रखा सुरक्षित
मामले की सुनवाई के दौरान प्रिया कपूर के वरिष्ठ वकील ने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नही हैं. वे जवाब दाखिल नहीं करना चाहते. हालांकि उन्होंने कानूनी बिंदुओं पर बहस करने का अधिकार सुरक्षित रखा है. कोर्ट 30 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
प्रिया कपूर ने आरोप लगाया है कि उनकी ननद मंधिरा प्रॉडकास्ट, सोशल मीडिया और मीडिया इंटरव्यू के जरिए उनके खिलाफ झूठे आरोप लगा रही है. इतना ही नही उन्होंने यह भी कहा है कि मंधिरा ये सब इसलिए कर रही है ताकि मेरी (प्रिया) की प्रतिष्ठा को हानि पहुचे.
प्रिया कपूर का मानहानी मुकदमा
दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने पटियाला हाउस कोर्ट में ननद मंधिरा कपूर स्मिथ के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया है. प्रिया कपूर ने मानहानि का यह मुकदमा ननद मंधिरा कपूर स्मिथ द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और पॉडकास्ट ‘In Controversial’ में दिए गए कथित बयानों को लेकर दायर किया है.
प्रिया कपूर ने पॉडकास्ट की होस्ट पूजा चौधरी को भी पक्षकार बनाया है. दायर मानहानि याचिका में कहा गया है कि मंदिरा कपूर ने यूट्यूब, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्वीटर) सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो और कंटेंट अपलोड और साझा किए, जिनमें प्रिया कपूर का नाम लेकर उनके खिलाफ झूठे आरोप और आपत्तिजनक संकेत दिए गए. इनका मकसद प्रिया कपूर के प्रति नफरत, उपहास और सामाजिक बहिष्कार पैदा करना था, जिससे उनकी सामाजिक और व्यवसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुचा.
वैवाहिक संबंधों की पवित्रता पर सीधा हमला
प्रिया कपूर ने अपनी याचिका में ये भी कहा है कि पॉडकास्ट में मंदिरा ने बार-बार यह संकेत दिए कि प्रिया कपूर और संजय कपूर का विवाह तनावपूर्ण था. याचिका में कहा गया है कि ऐसे बयान प्रिया कपूर के वैवाहिक संबंधों की पवित्रता पर सीधा हमला हैं और एक पत्नी और अब विधवा के रूप में उनकी गरिमा को समाज की नजरों में गिराते है.
दायर मानहानि याचिका में कहा गया है कि ऐसे आरोप शिकायतकर्ता के सम्मान, नारीत्व और सामाजिक प्रतिष्ठा की नींव पर प्रहार करते है और भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के तहत यह मानहानिकारक है.
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-भारत एक्सप्रेस
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