गुरुग्राम में चार साल की बच्ची से हुए यौन उत्पीड़न के मामले की सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ 23 मार्च को सुनवाई करेगी. यह याचिका बच्ची के माता-पिता की ओर से दायर की गई है.
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि घटना के चार सप्ताह बाद भी मामले में अभी जांच नही हो पाई है. लिहाजा मामले में हरियाणा पुलिस से हटाकर सीबीआई या एसआईटी को सौंपा जाए. उन्होंने की घटना की जानकारी दिए जाने के बावजूद कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि पुलिस के पास सभी आरोपियों के नाम मौजूद हैं, लेकिन कार्रवाई का कोई ठोस कदम नही उठाया गया है.
पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही- मुकुल रोहतगी
मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी से पूछा कि आप मामले को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में क्यों नही ले गए. इसपर रोहतगी ने कहा कि एक संदेश जाना चाहिए. पुलिस कुछ नही कर रही है. पीड़िता का परिवार गुरुग्राम में रहता है, इसलिए उन्हें चंडीगढ़ जाकर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर करना मुश्किल है. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर आदेश पारित करें.
कोर्ट ने याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए प्रेमी युगल को पहले हाई कोर्ट जाने का रास्ता दिखाया है, साथ ही कोर्ट ने यह भी साफ किया कि ऐसे मामलों में अदालतें जीवन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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