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भारत-ब्रिटेन संबंधों को मिली नई गति: G-7 समिट में पीएम मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर के बीच हुई अहम बैठक

PM Modi Keir Starmer Meeting: फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई.

PM Modi Keir Starmer Meeting

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PM Modi Keir Starmer Meeting: फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई. इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत और ब्रिटेन के बीच तेजी से मजबूत होते संबंधों की समीक्षा की और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक वर्ष में भारत-ब्रिटेन संबंधों ने उल्लेखनीय प्रगति की है. विशेष रूप से दोनों देशों के बीच हुए व्यापार समझौते ने आर्थिक सहयोग के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं. इससे व्यापार, निवेश, विनिर्माण, सेवाओं और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी को नई दिशा मिली है.

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और ब्रिटेन के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क जैसे अनेक क्षेत्रों में भी लगातार विस्तार पा रहे हैं. दोनों देशों ने इस साझेदारी को और अधिक गतिशील बनाने तथा साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई.

भारत-ब्रिटेन संबंधों की पृष्ठभूमि

भारत और ब्रिटेन के संबंधों का इतिहास लंबे समय से जुड़ा रहा है. स्वतंत्रता के बाद दोनों देशों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और संस्थागत सहयोग के आधार पर मजबूत साझेदारी विकसित की. आज ब्रिटेन में भारतीय मूल का बड़ा समुदाय निवास करता है, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक पुल का कार्य करता है.

हाल के वर्षों में भारत और ब्रिटेन के संबंधों में नई ऊर्जा देखने को मिली है. दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाया है. ब्रिटिश विश्वविद्यालयों की भारत में बढ़ती उपस्थिति और भारतीय छात्रों के लिए बढ़ते अवसर भी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बना रहे हैं.

भविष्य की दिशा

एवियन में हुई यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि भारत और ब्रिटेन आने वाले वर्षों में अपनी साझेदारी को और व्यापक तथा परिणामोन्मुख बनाने के इच्छुक हैं. वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती, ऊर्जा सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे मुद्दों पर दोनों देश मिलकर काम करना चाहते हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टार्मर की यह बैठक केवल द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा भर नहीं थी, बल्कि यह एक ऐसे भविष्य की रूपरेखा भी थी जिसमें भारत और ब्रिटेन वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय साझेदार के रूप में मिलकर विकास, नवाचार और समृद्धि को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे.

-भारत एक्सप्रेस



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