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लिव-इन हो या निकाह…सब पर होगा सरकारी पहरा, मध्य प्रदेश कैबिनेट ने UCC पर लगाई मुहर

Madhya Pradesh UCC: असम और उत्तराखंड की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दे दी. मोहन यादव मंत्रिमंडल ने रविवार को भोपाल से बाहर जगदीशपुर में हुई बैठक में यह निर्णय लिया

Madhya Pradesh UCC

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Madhya Pradesh UCC: असम और उत्तराखंड की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दे दी. मोहन यादव मंत्रिमंडल ने रविवार को भोपाल से बाहर जगदीशपुर में हुई बैठक में यह निर्णय लिया.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे कानून-व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया. उन्होंने कहा कि हमारे लिए क्या राम, क्या रहीम सभी को बराबर का अवसर मिलेगा.

मध्य प्रदेश सरकार यूसीसी के माध्यम से लिव-इन में रहने वाले जोड़ों के प्यार पर भी पहरा लगाने की तैयारी में है. UCC के मसौदे में बताया गया है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल को अपने निवास स्थान वाले जिले के रजिस्ट्रार के पास इसका पंजीकरण कराना जरूरी है. अगर कोई कपल ऐसा नहीं करता है तो उसे तीन महीने की कैद भी हो सकती है.

कांग्रेस को बताया उलझी हुई पार्टी

सीएम मोहन यादव ने इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि UCC के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी से लेकर कम्युनिस्ट पार्टी जैसे दलों ने बातचीत में हिस्सा लिया, लेकिन कांग्रेस इससे दूर रही. उन्होंने कांग्रेस पर उलझन में रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि, यह पार्टी हमेशा से एक राष्ट्र, एक कानून और एक नेता जैसे मुद्दे को लेकर उलझन में रही है.

उन्होंने बताया कि बिल का मसौदा तैयार करने से पहले सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी, जिसने राज्य के सभी जिलों और डिवीजनों में लोगों से बातचीत की. राज्य-स्तरीय चर्चाओं में अलग-अलग धर्मों के राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया गया था.

मुस्लिम समुदाय में जबरदस्त समर्थन

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ड्राफ्ट विधेयक पर चर्चाओं के दौरान मुस्लिम समुदाय में यूसीसी को लेकर जबरदस्त समर्थन है. उन्होंने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं और 40 प्रतिशत पुरुष एक समान कानून लागू करने के पक्ष में थे. उन्होंने कहा कि कई लोगों ने खुलकर कहा कि ऐसा कानून हमारी माताओं और बहनों की जिंदगी की रक्षा करेगा.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर आधारित है. उन्होंने कहा कि यूसीसी भारतीय संस्कृति के मूल भाव को दर्शाता है, जिसने हमेशा समानता, एकता और सद्भाव को बनाए रखा है.

-भारत एक्सप्रेस



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