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मेरठ जेल के एक ही बैरक में रखी गईं 5 कातिल पत्नियां, नीले ड्रम की मुस्कान से लेकर सांप से डसवाने वाली आरोपी शामिल

अपने-अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की हत्या करने वाली 5 खौफनाक महिला आरोपी अब मेरठ की जिला जेल में एक ही बैरक में बंद हैं. सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से जेल प्रशासन ने यह कदम उठाया है, जहां इन्हें रामायण और धार्मिक किताबों के सहारे सुधारने की कोशिश की जा रही है.

Meerut, Uttar Pradesh
Edited by Radha Priya

UP News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से पिछले एक-डेढ़ साल के भीतर ऐसी खौफनाक वारदातें सामने आई जिन्होंने पति-पत्नी के रिश्ते और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. अपने-अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की बेरहमी से हत्या करने वाली पांच महिलाएं इस वक्त चर्चा के केंद्र में हैं. दिलचस्प और हैरान कर देने वाली बात यह है कि यह पांचों कातिल पत्नियां अब मेरठ की जिला जेल में एक ही बैरक में बंद हैं.

एक ही बैरक में बंद पांचों महिलाएं

मेरठ जेल प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी को आसान बनाने के लिए इन पांचों महिलाओं को एक ही अहाते में बनी बैरक में रखा है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड की मुख्य आरोपी मुस्कान और हाल ही में पति को सांप से डसवाकर मारने के आरोप में पकड़ी गई दामिनी शामिल हैं. इनके अलावा रविता, कोमल और एक अन्य महिला बंदी भी इसी बैरक की साथी बनी हुई हैं. जेल अधिकारियों का मानना है कि एक ही जगह रहने से इन पर कड़ी नजर रखना आसान हो गया है.

अनोखी साजिशों ने किया सभी को सन्न

इन पांचों महिलाओं पर आरोप है कि इन्होंने अपने-अपने अवैध संबंधों में रोड़ा बन रहे पतियों को रास्ते से हटाने के लिए बेहद खतरनाक और अलग-अलग तरह की साजिशें रचीं. कोई पति के शव को नीले ड्रम में छिपाने की वजह से सुर्खियों में आई, तो किसी ने मर्डर को सपेरे से सांप कटवाकर कुदरती मौत का रूप देने की कोशिश की. इनकी इन खौफनाक करतूतों को सुनकर हर कोई दंग रह गया था.

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रामायण के सहारे सुधार की कोशिश

जेल प्रशासन अब इन बंदियों को अपराध की दुनिया से निकालकर सुधार की मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रहा है. वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजेश शर्मा के अनुसार रविता को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी महिलाएं जेल के भीतर धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा ले रही हैं.

प्रशासन ने इन्हें पढ़ने के लिए रामायण और अन्य धार्मिक पुस्तकें दी हैं. हाल ही में जेल पहुंची दामिनी को भी जल्द ही रामायण दी जाएगी. शुरुआत में बिल्कुल गुमसुम रहने वाली दामिनी अब थोड़ा सामान्य व्यवहार करने लगी है और उसने अपने 6 साल के मासूम बेटे व परिवार से मिलने की ख्वाहिश जताई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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