प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमीरा प्योर फूड्स लिमिटेड से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने अमीरा प्योर फूड्स लिमिटेड से जुड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 94.76 करोड़ रुपए (10.03 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की विदेशी बैंक में जमा राशि को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है. यह राशि सिंगापुर स्थित बैंक ऑफ सिंगापुर के खातों में जमा थी, जो मुख्य आरोपी करण चनाना, अमीरा फूड्स पीटीई लिमिटेड और अन्य कंपनी के नाम पर थी.
ईडी ने यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की है. आरोप है कि अमीरा प्योर फूड्स लिमिटेड के प्रमोटरों, निदेशकों और अन्य लोगों ने बैंकों से लिए गए लोन की राशि मे हेराफेरी और गबन कर लगभग 1201.85 करोड़ रुपए का नुकसान पहुचाया है. यह लोन केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकिंग कंसोर्टियम से लिया गया था बाद में एनपीए हो गया.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल
ईडी ने कंपनी और उसके प्रमोटरों में खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई की है. इस मामले में अभी तक 21 व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल किया जा चुका है. इससे पहले मार्च 2024 में ईडी ने 131.51 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं. ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में कुल अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य बढ़कर 226.26 करोड़ रुपये हो गया है. एजेंसी की जांच में पता चला है कि कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक करण ए. चनाना और पूर्णकालिक निदेशक अनीता डैंग देश छोड़कर भाग चुके है और ये दोनों ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे हैं.
ईडी ने दोनों को पूछताछ के लिए समन जारी किया, लेकिन उसके बावजूद ये भारत नही आए. उसके बाद दोनों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया. बता दें कि राऊज एवेन्यु कोर्ट ने दोनों को 6 फरवरी 2026 को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था. साथ कोर्ट ने उनसे जुड़े लोगों की करीब 123 करोड़ रुपए मूल्य की 46 चल अचल संपत्तियों को जब्त करने का निर्देश दिया था.
भारत एक्सप्रेस
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