Late Sridevi
बॉलीवुड की दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की चेन्नई स्थित करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर एक नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है. लगभग 37 साल पहले हुए एक जमीन सौदे को चुनौती देते हुए एक महिला और उसके भाई ने अपना हक जताया है. इस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्माता बोनी कपूर, उनकी बेटियों जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पल्ली की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई तक जमीन पर ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखने का सख्त निर्देश दिया है. अदालत इस मामले पर अब 18 दिसंबर को अगली सुनवाई करेगी.
क्या है 37 साल पुराना जमीन विवाद?
यह पूरा विवाद चेन्नई के पॉश ईस्ट कोस्ट रोड पर स्थित 4.7 एकड़ की कीमती जमीन से जुड़ा हुआ है. याचिकाकर्ताओं के अनुसार, 1988 में यह जमीन श्रीदेवी और उनकी बहन को बेची गई थी. वर्तमान में यहां बोनी कपूर के परिवार का एक आलीशान फार्महाउस बना हुआ है.
2018 में श्रीदेवी के निधन के बाद, साल 2023 में इस संपत्ति के राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Records) में बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर के नाम आधिकारिक तौर पर दर्ज किए गए थे.
‘धोखाधड़ी से बनी थी सेल डीड’
याचिकाकर्ता एमसी शिवकामी, उनके भाई एमसी नटराजन और मां चंद्रभानु ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए 1988 की ‘सेल डीड’ को अमान्य घोषित करने की मांग की है.
उनका दावा है कि यह जमीन उनके दादाजी की थी और इसमें उनका 1/5 हिस्सा बनता है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि तब धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के जरिए यह प्रॉपर्टी श्रीदेवी और उनकी बहन के नाम ट्रांसफर कराई गई थी.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इससे पहले याचिकाकर्ताओं ने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया था. हालांकि, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए फैसला श्रीदेवी के परिवार के पक्ष में सुनाया था. हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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