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‘जीतें तो आयोग अच्छा, हारें तो खराब…’ राहुल गांधी पर बृजभूषण का पलटवार, बृजभूषण की मांग- जंतर-मंतर पर बैन हो धरना

Brij Bhushan Sharan Singh: दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन और राहुल गांधी के बयानों को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता ब्रजभूषण शरण सिंह ने जमकर पलटवार किया है. आज अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी के बयान पर कहा कि कहा कि कांग्रेस की आदत बन गई है कि जब चुनाव जीत जाते हैं तो चुनाव आयोग अच्छा लगता है और जब हार जाते हैं तो चुनाव आयोग खराब हो जाता है. यही दोहरा चरित्र देश की जनता देख रही है.

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राहुल गांधी पर बृजभूषण का पलटवार, बोले- जंतर-मंतर पर बैन हो धरना (इमेज-Bharat Express)

Brij Bhushan Sharan Singh/VISHAL: दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन और राहुल गांधी के बयानों को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता ब्रजभूषण शरण सिंह ने जमकर पलटवार किया है. आज अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी के बयान पर कहा कि वह कह रहे हैं कि हम ऐसा भारत नहीं चाहते थे, ये दूसरी तरह का भारत है, इस पर भाजपा नेता ने कहा लेकिन विरोध किस बात को लेकर हो रहा है, ये समझना जरूरी है.

बृजभूषण ने कहा कि इस देश में पहले भी प्रोटेस्ट हुए हैं और आगे भी होते रहेंगे, लेकिन सवाल ये है कि प्रोटेस्ट किस मुद्दे पर हो रहा है. आप जनता की समस्या को लेकर प्रोटेस्ट नहीं कर रहे हैं. महंगाई, किसान, बेरोजगारी को लेकर कोई बात नहीं कर रहे हैं. आप सिर्फ चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार की बात कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आदत बन गई है कि जब चुनाव जीत जाते हैं तो चुनाव आयोग अच्छा लगता है और जब हार जाते हैं तो चुनाव आयोग खराब हो जाता है. यही दोहरा चरित्र देश की जनता देख रही है.

आपकी दया पर नहीं हैं अमित शाह गृहमंत्री- बृजभूषण

गृहमंत्री के नाम को प्रोटेस्ट में घसीटने पर पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण ने कहा कि गृहमंत्री का नाम इसमें नहीं होना चाहिए. गृहमंत्री इस देश के गृहमंत्री हैं, वो चुनाव लड़कर, चुनाव जीतकर आए हैं. जो कैबिनेट बनी है उसमें उन्हें गृहमंत्री का दर्जा प्राप्त है. वो आपकी दया पर नहीं हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आप बताइए आपने केपीएस गिल की नियुक्ति किस कानून के तहत की थी, आपने नवीन चावला की नियुक्ति किस आधार पर की थी. 2023 से पहले तो देश में चुनाव आयुक्त नियुक्त करने की कोई प्रक्रिया ही नहीं थी.

उन्होंने बताया कि इस प्रकरण को सुप्रीम कोर्ट ले जाया गया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर संसद ने एक प्रक्रिया बनाई. उस प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और गृहमंत्री की कमेटी ने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति की है. अब ज्ञानेश कुमार आपको सूट नहीं करते तो इसकी जिम्मेदारी दूसरों की नहीं है. आपके पास कोई सबूत या साक्ष्य है तो आप सुप्रीम कोर्ट जाइए, क्योंकि कानून का उल्लंघन होता है तो सुप्रीम कोर्ट ही अंतिम रास्ता है.

प्रोटेस्ट की टाइमिंग पर उठाये सवाल

ब्रजभूषण ने प्रोटेस्ट की टाइमिंग पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि ये राग राहुल जी बहुत दिनों से अलाप रहे हैं, लेकिन टाइमिंग देखिए. एलन मास्क का बयान आता है और उस बयान को वो ट्वीट करता है, राहुल जी रीट्वीट करते हैं. यहीं पर संदेह पैदा हो जाता है कि आंदोलन किया नहीं जा रहा, बल्कि आंदोलन कराया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि आज दिल्ली को बंधक बना लिया गया है. हफ्ता भर से सब कुछ डिस्टर्ब है. व्यापारी परेशान हैं, पढ़ने वाले बच्चे, आने – जाने वाले और ऑफिस जाने वाले सभी परेशान हैं. उन्होंने भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि दिल्ली से 10-20 किलोमीटर दूर कोई मैदान सुनिश्चित कर दिया जाए, वहीं धरना – प्रदर्शन हो. जंतर – मंतर पर किसी का भी धरना नहीं होना चाहिए.

ब्रजभूषण ने कहा कि ये पहली बार है कि आंदोलनकारी चीफ जस्टिस से मिलना चाहते हैं. पहले राष्ट्रपति से मिलना चाहते थे, राष्ट्रपति मिलीं भी. अब सुप्रीम कोर्ट के जजों से मिलकर न्यायपालिका पर दबाव बनाना चाहते हैं, उसे प्रभावित करना चाहते हैं.

सीसीटीवी ने खोली दीपके की पोल

प्रोटेस्ट के दौरान CJP प्रमुख अभिजीत दीपके की दादी की मौत पर जाने न देने के आरोप पर उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने वीडियो और CCTV जारी कर कहा है कि प्रदर्शनकारी ने खुद ही जाने से मना कर दिया था. हम उनके बयान को सीरियस नहीं लेते. वो विदेशी हैं और विदेशी फंड के सहारे देश को अस्थिर करने की कोशिश हो रही है.

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के कार्यालय को ‘BJP जिताओ कार्यालय’ बताया था. इस पर भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी हर हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ देते हैं. हमने देखा है कांग्रेस के शासन में कैसे चुनाव होते थे और चुनाव आयोग कैसे काम करता था. आज वो हमें लोकतंत्र और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर ज्ञान दे रहे हैं.

SIR सुधार की प्रक्रिया है

वोटर लिस्ट से नाम काटने के आरोपों पर नेता ने कहा कि SIR की प्रक्रिया चल रही है, ये सुधार की प्रक्रिया है. आज किसी का नाम तीन-तीन जगह लिखा है तो उसे एक जगह किया जा रहा है, इसमें क्या दिक्कत है? ये तो होना ही चाहिए. एक व्यक्ति का वोट एक ही जगह होना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि अगर किसी का नाम गलती से कट गया है, आपको लगता है कि आपका नाम गलत तरीके से काटा गया है, तो आप कोर्ट जाइए. चुनाव आयोग के पास जाइए, अपनी बात रखिए, कानून का सहारा लीजिए. केवल आरोप लगाकर माहौल खराब करना बंद कीजिए.

-भारत एक्सप्रेस



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