सोशल मीडिया के इस दौर में आए दिन मशहूर हस्तियां वायरल होती रहती है. इसी बीच इन दिनों बॉलीवुड अभिनेता और पूर्व सांसद सनी देओल को लेकर एक ऐसा ही दावा सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. एक ग्राफिक इमेज के साथ दावा किया जा रहा है कि सनी देओल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेताओं के खिलाफ एक बेहद विवादित बयान दिया है.
क्या है सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा?
इंटरनेट पर वायरल हो रहे एक पोस्टर में सनी देओल की तस्वीर के साथ उनके हवाले से लिखा गया है, ‘अच्छा हुआ मैंने भाजपा छोड़ दी, नहीं तो मैं भी दिमागी नक्सली बन जाता. इस पार्टी में ज्यादातर नेता दिमागी नक्सली हैं.’

फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप पर कई यूजर्स इस दावे को सच मानकर शेयर कर रहे हैं और तरह-तरह की राजनीतिक टिप्पणियां कर रहे हैं.
क्या है असल सच?
जब इस वायरल दावे की जांच की गई, तो यह पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी पाया गया. गूगल ओपन सर्च और न्यूज आर्काइव्स को खंगालने पर ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें सनी देओल के ऐसे किसी बयान का जिक्र हो.
वायरल तस्वीर में एक न्यूज चैनल का लोगो लगा हुआ था. जब उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल की जांच की गई, तो पता चला कि मूल पोस्ट 18 अगस्त 2026 की है, जिसमें सनी देओल ने एक पॉडकास्ट में गुटखा-पान मसाला का प्रचार न करने और अपनी फिल्म ‘गदर 2’ की सफलता को लेकर बात की थी. उसी पोस्टर से छेड़छाड़ करके उस पर यह फर्जी बयान लिख दिया गया. इसके अलावा, सनी देओल के अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी ऐसा कोई पोस्ट मौजूद नहीं है.
सनी देओल के निजी सचिव पंकज जोशी ने भी इस बात की पुष्टि की. उन्होंने साफ किया कि अभिनेता ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. वायरल हो रहा दावा पूरी तरह से फर्जी है.
क्या है सनी देओल का राजनीति से जुड़ा संदर्भ?
सनी देओल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर पंजाब की गुरदासपुर सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने थे. हालांकि, अगस्त 2023 में ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वे भविष्य में कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे और एक्टिंग के जरिए ही देश सेवा करना चाहते हैं. उन्होंने राजनीति से किनारा जरूर किया, लेकिन पार्टी या उसके नेताओं पर कभी ऐसा कोई अनर्गल आरोप नहीं लगाया. साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा बयान पूरी तरह झूठा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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