राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की पावन धरा 22 अक्टूबर से छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य पराक्रम, शौर्य और ‘हिंदवी स्वराज्य’ के जयघोष से गुंजायमान होने जा रही है. दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में गाजियाबाद के सनसिटी में विश्व के सबसे बड़े ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य और सजीव मंचन 22 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा. इस राष्ट्रीय व सांस्कृतिक गौरव के महाकुंभ का आधिकारिक मीडिया पार्टनर भारत एक्सप्रेस है.
इस सात दिवसीय विराट महानाट्य के उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. इसके साथ ही, जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज का पावन सानिध्य और आशीर्वाद मिलेगा. उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे.
‘हिंदवी स्वराज्य’ का ऐतिहासिक जुड़ाव
गाजियाबाद में ‘जाणता राजा’ के आयोजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम (भैया जी) ने बताया कि 16वीं सदी में मुगल शासक औरंगजेब की कैद से छूटने के उपरांत छत्रपति शिवाजी महाराज सबसे पहले गाजियाबाद स्थित ऐतिहासिक दूधेश्वर नाथ महादेव मठ पहुंचे थे.

शिवाजी महाराज ने इसी पवित्र मठ में अनुष्ठान, यज्ञ और हवन किया था तथा यहीं से ‘हिंदवी स्वराज्य’ की स्थापना का अमर संकल्प लिया था. यद्यपि उनका राज्याभिषेक 6 जून 1674 को रायगढ़ में हुआ और वे छत्रपति बने, लेकिन उस अखंड साम्राज्य की वैचारिक नींव गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मठ में ही रखी गई थी. इसी ऐतिहासिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गाजियाबाद की धरती को चुना गया है.
राष्ट्रप्रेम और संस्कारों से जोड़ने का संकल्प
डॉ. आशीष गौतम ने वर्तमान वैश्विक व सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज जब कुछ ताकतें और राजनीतिक विमर्श देश को बांग्लादेश, नेपाल, सीरिया और लीबिया जैसी अराजक परिस्थितियों की ओर धकेलने का षड्यंत्र रच रहे हैं, तब शिवाजी महाराज के जीवन और संस्कारों का प्रसार अनिवार्य हो जाता है.

कुछ लोग युवा पीढ़ी को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में प्रत्येक परिवार का दायित्व है कि वह अपने नौनिहालों को विदेशी अपसंस्कृति से बचाए और छत्रपति शिवाजी महाराज, माता जीजाबाई एवं समर्थ गुरु रामदास के दिखाए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करे. उनकी छापामार युद्धनीति और सैन्य प्रबंधन आज भी दुनिया के लिए आदर्श हैं. मिशन इससे पूर्व लखनऊ और ताजनगरी आगरा में भी ‘जाणता राजा’ का अत्यंत सफल मंचन आयोजित कर चुका है.
250 कलाकार के साथ भव्य होगा आयोजन
22 से 28 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से लगातार चार घंटे तक चलने वाली इस सजीव प्रस्तुति में दर्शकों को 17वीं सदी के उस गौरवशाली कालखंड का प्रत्यक्ष अहसास होगा.
- 250 कुशल कलाकार: मंच पर एक साथ ढाई सौ कलाकार ऐतिहासिक घटनाओं को जीवंत करेंगे.
- सजीव युद्ध दृश्य: मंचन में वास्तविक हाथी, घोड़े, ऊंट, तोपों, चमचमाती तलवारों और पारंपरिक शस्त्रों का प्रयोग किया जाएगा.
- ऐतिहासिक किले: मंच पर सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ के अभेद्य किलों की विशालकाय और सजीव प्रतिकृतियां बनाई गई हैं.
शिव अवतरण मंडपम् में अनुष्ठान
आयोजन की सफलता और राष्ट्रीय मंगलकामना के लिए सनसिटी स्थित ‘शिव अवतरण मंडपम्’ में शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से ही प्रतिदिन विद्वान आचार्यों द्वारा रुद्राभिषेक किया जा रहा है, जो 28 अक्टूबर तक अनवरत चलेगा.

धर्म, अध्यात्म और राजनीति का महासमागम
निरंजनी अखाड़े के प्रमुख आचार्य एवं कालीपीठ हरिद्वार के श्रीमहंत महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि, परमार्थ निकेतन (ऋषिकेश) के प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती, मणिकर्णिका घाट पीठ के पीठाधीश्वर संतोष दास (सतुआ बाबा), अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत रवींद्र पुरी, रामानंदाचार्य सतीश आचार्य, अयोध्या के ओजस्वी संत मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज, पतंजलि योगपीठ के प्रमुख स्वामी रामदेव तथा आचार्य बालकृष्ण उपस्थित रहेंगे.
प्रमुख राजनीतिक हस्तियां एवं राज्यपाल
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला, अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर, उत्तर प्रदेश के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया तथा महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों व विधायकों का आगमन प्रस्तावित है.

300 बैठकों के जरिए व्यापक जनजागरण
आयोजकों के मुताबिक, इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन में प्रतिदिन दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से 15,000 से अधिक दर्शकों के पहुंचने की संभावना है. दिव्य प्रेम सेवा मिशन की समर्पित टीमें मार्च 2026 से ही इसकी तैयारियों में जुटी हुई हैं और अब तक एनसीआर के प्रमुख विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्धजनों के साथ 300 से अधिक बैठकें, गोष्ठियां व सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं.
‘भारत एक्सप्रेस’ अपने सभी डिजिटल और ब्रॉडकास्ट प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इस ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ की भव्यता, वैचारिक विमर्श और सजीव पलों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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