हाल ही में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाकर डेब्यू किया है. उन्होंने अपनी प्रोफाइल पर सबसे पहले उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी की किताब का फर्स्ट व्यू सामने रखा. उनकी किताब जल्द ही लॉन्च होने वाली है. इसी बीच सोशल मीडिया पर उनकी एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दिया है. वायरल हो रहे इस फोटो से दावा किया जा रहा है कि सोनिया गांधी अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ हाथ मिला रही है.
क्या है वायरल दावा?
दरअसल, एक फेसबुक यूजर ने 23 अक्टूबर 2026 को एक तस्वीर शेयर की. इस तस्वीर में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ हाथ मिलाते हुए नजर आ रही है. इस फोटो के साथ यूजर ने कैप्शन में लिखा, ‘जब हरदीप पुरी के साथ जेफरी एपस्टीन का फोटो आया तो पूरा इकोसिस्टम एक्टिव हो गया। इस फोटो के जारी होते ही पूरा इकोसिस्टम बैकफुट पर आ गया.’
अब अन्य यूजर भी इस तस्वीर को धड़ल्ले से शेयर कर रहे है. इतनी ही नहीं कई लोग तो शेयर करते हुए अपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल कर रहे है.
क्या सच में सोनिया गांधी एपस्टिन से मिला रही हैं हाथ?
वायरल तस्वीर की सच्चाई का पता लगाने के लिए जब मीडिया रिपोर्ट्स और फैक्ट चेक टूल्स की मदद ली गई, तो यह पूरी तरह फर्जी साबित हुई. सबसे पहले ओपन सर्च टूल के जरिए ऐसी कोई भी आधिकारिक या मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली, जो इस मुलाकात की पुष्टि करती हो. इसके बाद तस्वीर की असलियत जांचने के लिए कई आधुनिक एआई डिटेक्शन टूल्स का सहारा लिया गया.
जांच के दौरान जब इस फोटो को एआई डिटेक्शन टूल्स पर परखा गया, तो उसने 100 फीसदी संभावना जताई कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है. इसके अलावा गूगल के SynthID एआई टूल्स ने भी साफ कर दिया कि यह तस्वीर पूरी तरह से कंप्यूटर-जनरेटेड है. तकनीकी विशेषज्ञों ने भी पुष्टि की कि इस फोटो में कई ऐसी खामियां हैं जो साफ इशारा करती हैं कि इसे किसी शरारती तत्व ने एआई सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी तरीके से तैयार किया है.
क्या है इस वायरल हंगामे के पीछे का असली संदर्भ?
दरअसल, हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जेफरी एपस्टीन के साथ कुछ पुरानी तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी राजनीति गर्माई थी. विपक्षी नेताओं ने उन तस्वीरों को साझा करते हुए सवाल उठाए थे, जिसके जवाब में मंत्री हरदीप पुरी ने स्पष्ट किया था कि फरवरी 2026 में उन्होंने इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में पेशेवर तौर पर एपस्टीन से कुछ मुलाकातें की थीं. इसी राजनीतिक माहौल के बीच सोनिया गांधी की एक फेक AI तस्वीर सोशल मीडिया पर फैला दी गई, ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके.
इस जांच से यह साफ है कि सोनिया गांधी और जेफरी एपस्टीन की मुलाकात वाली यह वायरल तस्वीर फर्जी है और इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है. ऐसे में किसी भी तस्वीर को बिना सोचे-समझे शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जान लेना बेहद जरूरी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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